स्वामी प्रसाद का विरोध करने पर सपा से की गई थीं निष्कासित
सपा के वरिष्ठ नेता रहे स्वामी प्रसाद मौर्य द्वारा रामचरित मानस सहित देवी देवताओं के खिलाफ की गई कथित अभद्र टिप्पणी का विरोध करने पर पार्टी ने अनुशासनहीनता के आरोप में ऋचा सिंह को बाहर का रास्ता दिखा दिया था। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव स्वामी प्रसाद मौर्य द्वारा रामचरित मानस पर की गई टिप्पणी का विरोध करना पार्टी नेता ऋचा सिंह को भारी पड़ गया था। सपा ने इसे अनुशासनहीनता मानते हुए ऋचा सिंह और रोली तिवारी मिश्र को निष्कासित कर दिया। ऋचा ने निष्कासन को पार्टी की महिला विरोधी मानसिकता करार दिया था।
सपा नेता मनीष जगन के खिलाफ दर्ज कराया था केस
ऋचा सिंह ने सपा सोशल मीडिया के प्रभारी मनीष जगन के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी और छेड़खानी का मुकदमा लखनऊ में दर्ज कराया था। ट्विटर पर मनीष ने ऋचा सिंह के खिलाफ आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग किया था। जिस पर आपत्ति जाहिर करते हुए ऋचा ने मुख्यमंत्री और डीजीपी को पत्र भेजकर मनीष के खिलाफ कार्रवाई की गुहार लगाई थी। इसके बाद मनीष के खिलाफ कई धाराओं में केस दर्ज किया गया।