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Research : प्रदूषणकारी नैनो कणों की गली दाल...घटाया मूंग का उत्पादन, अंतरराष्ट्रीय जनरल में छपा शोध

Sat, 25 May 2024 04:17 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

शोध में यह तथ्य भी सामने आया है कि सामान्य कॉपर ऑक्साइड के मुकाबले उसके नैनो कण ज्यादा और प्रभावी तरीके से प्रदूषण फैला रहे हैं। इससे दाल की गुणवत्ता में भी गिरावट आई है। मूंग की दाल आंखों की रोशनी और पाचन क्रिया के लिए काफी फायदेमंद होती है, लेकिन गुणवत्ता प्रभावित होने के कारण इसके फायदे भी घट गए हैं।
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मूंगदाल। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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पर्यावरण में प्रदूषण फैला रहे कॉपर ऑक्साइड के नैनो कणों की खूब दाल गल रही है। इसके कारण दलहनी फसलों का उत्पादन 20 फीसदी तक घट गया है। इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) के भौतिक विज्ञान विभाग में मूंग की दाल पर हुए शोध में यह तथ्य सामने आए हैं। यह शोध अंतरराष्ट्रीय जनरल एनॉलिटिकल लेटर्स ने अपने ताजा अंक में प्रकाशित किया है। दालों का लगातार दाम बढ़ने का यह प्रमुख कारण बताया गया है।

भौतिक विज्ञान विभाग के प्रो. केएन उत्तम के नेतृत्व में शोधार्थी एश्वर्य अवस्थी, आराधना त्रिपाठी, छवि बरन एवं श्वेता शर्मा की टीम ने प्रयोगशाला में अधिक सांद्रता वाले कॉपर ऑक्साइड नैनो कणों का मूंग के पौधे पर प्रयोग किया। इसमें पाया कि उपस्थित जैव रासायनिक यौगिकों कॉर्बोहाइड्रेट, सेलूलोज, लिगनिन, प्रोटीन, पेक्टिन, कैरोटिनाइड एवं एलिफैटिक के स्तर में तेजी से गिरावट हो रही है।

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इस कारण मूंग के पौधे की लंबाई घट गई। जड़ और तने काफी कमजोर मिले। पौधे का वजन भी मानक से कम पाया गया। इस कारण उत्पादन में 10 से 20 फीसदी तक की गिरावट आई है। प्रो. केएन उत्तम का कहना है कि दालों के उत्पादन में लगातार गिरावट से वैज्ञानिक समुदाय चिंतित है। उत्पादन वृद्धि की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसके कारणों की तहकीकात करने के क्रम में टीम ने यह शोध किया है।

गुणवत्ता पर असर, घटे दाल के फायदे
 

शोध में यह तथ्य भी सामने आया है कि सामान्य कॉपर ऑक्साइड के मुकाबले उसके नैनो कण ज्यादा और प्रभावी तरीके से प्रदूषण फैला रहे हैं। इससे दाल की गुणवत्ता में भी गिरावट आई है। मूंग की दाल आंखों की रोशनी और पाचन क्रिया के लिए काफी फायदेमंद होती है, लेकिन गुणवत्ता प्रभावित होने के कारण इसके फायदे भी घट गए हैं।
 

नैनो कणों के इस्तेमाल से हो रहा नुकसान

आजकल नैनो कणों का उपयोग फार्मास्यूटिकल, कृषि और उद्योगों में व्यापक रूप से किया जा रहा है। कॉपर ऑक्साइड नैनो कणों का बैटरी, प्रिंटर, अर्धचालक उद्योग और उत्प्रेरक जैसे उद्योगों में भी होता है। कॉपर ऑक्साइड नैनो कणों के उपयोग से कृषि आधारित उत्पाद सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। ये नैनो कण हवा, पानी और मिट्टी को प्रदूषित कर रहे हैं।

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बढ़ाया जा सकता है गुणवत्तापूर्ण उत्पादन
 

शोध में बताया गया है कि दलहनी फसलों की गुणवत्ता और उत्पादन को बढ़ाना है तो आयरन ऑक्साइड एवं टाइटेनियम डाईऑक्साइड या आयरन ऑक्साइड एवं सिलिकन डाई ऑक्साइड के नैनो कणों के मिश्रण का हाईब्रिड खाद के रूप में छिड़काव किया जाए। इससे फसलों की गुणवत्ता और उत्पादन दोनों बढ़ेंगे।
 

ऐसे हुआ शोध
 

प्रयोगशाला में नियंत्रित प्रकाश, तापमान, आद्रता में मूंग की पौध विकसित की गई। जब पौधे में द्वितीयक पत्तियां आ गईं, तब जड़ के माध्यम से विभिन्न सांद्रता वाले 50 नैनोमीटर के आकार वाले कॉपर ऑक्साइड कणों को पौधे में प्रवेश कराया गया। लगातार हर दूसरे दिन कॉपर ऑक्साइड नैनो कणों को पौधे में डाला गया। पांच दिन बाद पत्तियों में उपस्थित विभिन्न जैव रसायनों का कनफोकल माइक्रो रमन तकनीक से विश्लेषण किया गया। इसमें पाया गया कि नैनो कणों ने पत्तियों में उपस्थित विभिन्न यौगिकों की मात्रा को घटा दिया, जिसका असर गुणवत्ता और उत्पादन में पड़ा।

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