कई सेंटरों पर मिली थी गड़बड़ी
कक्ष निरीक्षकों की तैनाती व उनके परिचय पत्र को लेकर कुछ अन्य विवादित मामले भी सामने आए हैं। पिछले दिनों सचिव ने विभिन्न टीमों का गठन कर परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण कराया था। यूपी बोर्ड के परीक्षा केंद्र संगम मॉडर्न इंटर कॉलेज, नैनी प्रयागराज में जिन विद्यालयों के विद्यार्थियों की परीक्षा कराई जा रही थी, उन्हीं विद्यालयों के शिक्षकों को कक्ष निरीक्षक के रूप में तैनात कर दिया गया, जबकि यह नियम विरुद्ध है।
वहीं, शुभम इंटर कॉलेज, बगोहना खुर्द, करमा में कक्ष संख्या एक, पांच व 10 में केवल एक कक्ष निरीक्षक की तैनाती की गई थी। बेसिक शिक्षा के किसी भी कक्ष निरीक्षक के पास परिचय पत्र नहीं था। विद्यावती इंटर कॉलेज में केंद्र व्यवस्थापक द्वारा उनके केंद्र पर नियुक्त बाह्य कक्ष निरीक्षकों की विषयवार पंजिका भी नहीं बनाई गई थी।
सचिव ने बताया कि निजी, एडेड व सरकारी विद्यालयों के शिक्षकों को कक्ष निरीक्षक बनाया जाता है, जिन्हें डीआईओएस की ओर से परिचय पत्र जारी किया जाता है। बेसिक शिक्षा के जो शिक्षक कक्ष निरीक्षक बनाए जाते हैं, खंड शिक्षा अधिकारी के स्तर से उन्हें प्रमाणित किए जाने के बाद डीआईओएस परिचय पत्र जारी करते हैं। मऊआइमा में जो फर्जी कक्ष निरीक्षक पकड़े गए, वे शिक्षक नहीं, बल्कि बाहरी लोग थे।