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पुलिस वसूली का वीडियो बनाने वाले को फंसाने पर गृह सचिव से जवाब तलब

Thu, 22 Jul 2021 08:37 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

  • कोर्ट ने कानून का दुरुपयोग न होने की मांगी गाइडलाइन
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इलाहाबाद उच्च न्यायालय - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भारत-नेपाल बार्डर पर पुलिस द्वारा जाम लगाकर वसूली करने का वीडियो रिकार्ड करने वाले को गैंगस्टर एक्ट में फंसाने के मामले में गृह सचिव से व्यक्तिगत हलफनामा मांगा है। कोर्ट ने यह भी कहा है कि पुलिस कानून का दुरुपयोग न करे, ऐसी कोई गाइडलाइन हो तो प्रस्तुत की जाए । सुनवाई 23 जुलाई को होगी।
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यह आदेश न्यायमूर्ति एसपी केसरवानी तथा न्यायमूर्ति पीयूष अग्रवाल की खंडपीठ ने महाराजगंज, सोनौली, कुंसेरवा गांव के निवासी कृष्ण गुप्ता व अन्य की याचिका पर दिया है। याचियों पर आरोप है कि पुलिसकर्मी गैंग बनाकर नेपाल सीमा पर ट्रकों से जबरन वसूली करते हैं। इनके खिलाफ 21 मार्च 21 को गैंग चार्ट बना और 30 मार्च 21को एफआईआर दर्ज कराई गई है।

याचियों का कहना है कि भारत नेपाल सीमा पर उनकी जनरल स्टोर, मोबाइल फोन की दुकान है। पुलिस की वसूली के कारण अक्सर वहां जाम लग जाता है, जिससे लोगों को परेशानी होती है। जिसको लेकर स्थानीय लोगों व ड्राइवरों से विवाद हुआ। याची इलेक्ट्रानिक मीडिया से जुड़ा है। उसने पुलिस के घूस लेते वीडियो बना लिया। जिससे याची को गैंग लीडर, उसके परिवार के लोगों व दो ड्राइवरों को गैंग सदस्य घोषित कर गैंग चार्ट बनाया गया है। पुलिस दुर्भावना ग्रस्त होकर कार्रवाई कर रही है। इस पर कोर्ट ने राज्य सरकार से हलफनामा मांगा है।
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