लंबी खींचतान के बाद संस्कृति मंत्रालय की संस्तुति पर राज भवन ने संस्कृति मंत्रालय की डिप्टी सेक्रेटरी रेनु सिंह को एनसीजेडसीसी के निदेशक का अतिरिक्त प्रभार दे दिया है। इसी के साथ डीएम ने एनसीजेडसीसी निदेशक का चार्ज डिप्टी सेक्रेटरी को हस्तांतरित कर दिया है। फिलहाल प्रभारी निदेशक अभी दिल्ली से ही एनसीजेडसीसी का काम देख रही हैं। इसी के साथ राजभवन की ओर से स्थाई तौर पर नए निदेशक की तलाश तेज कर दी गई है।
इंद्रजीत ग्रोवर के हटने के बाद एनसीजेडसीसी को अभी स्थाई तौर पर निदेशक नहीं मिल सका है, लेकिन राजभवन ने प्रभार बदल दिया है। राज्यपाल के निर्देश पर केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय की डिप्टी सेक्रेटरी रेनु सिंह को एनसीजेडसीसी के निदेशक का नए सिरे से प्रभार सौंप दिया गया है। रेनु सिंह ने ऑनलाइन निदेशक का पद ग्रहण कर लिया है।
इसी के साथ एनसीजेडसीसी निदेशक की नेम प्लेट बदल दी गई है। हालांकि नई प्रभारी अब तक दिल्ली से यहां नहीं पहुंची हैं। वह दिल्ली से ही कामकाज देखेंगी। ऐसे में एनसीजेडसीसी के रात राज्यों में लोक कला, संस्कृति, संगीत, नाट्य मंचन समेत अन्य परंपराओं के संरक्षण-संवर्धन के लिए चलाए जाने वाले कार्यक्रमों की फाइलें अब स्पेशल मैसेंजर से दिल्ली ही भेजी जाएंगी।
एनसीजेडसीसी के एक अफसर ने नाम न छापने के आग्रह पर बताया कि इससे वर्षों पहले एक बार जब दूसरे परिक्षेत्र के निदेशक के पास एनसीजेडसीसी के निदेशक का चार्ज था, तब फाइलें नागपुर भेजी जाती थीं। इससे काम प्रभावित होने के साथ ही गतिविधियों पर असर पड़ने की आशंका है। हालांकि कहा जा रहा है कि राजभवन की ओर से स्थाई निदेशक की तलाश तेज कर दी गई है। जल्द ही नए निदेशक की तैनाती कर दी जाएगी।