याची ने हाईकोर्ट में निचली अदालत के फैसले को चुनौती दी थी। याची का तर्क था कि निचली अदालत ने मामले में फैसला सुनाते समय याची के हाईस्कूल के प्रमाण पत्र को नही देखा। दूसरे रिकॉर्डों को देखकर फैसला कर दिया, जो कि गलत है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बुलंदशहर के ककोड़ थाने में रेप, धोखाधड़ी, पॉस्को सहित विभिन्न धाराओं में दर्ज एफआईआर के आरोपी को राहत देते हुए हुए निचली अदालत को मामले में फिर से सुनवाई के आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा है कि निचली अदालत मामले का निस्तारण आठ सप्ताह में करे। यह आदेश न्यायमूर्ति राहुल चतुर्वेदी ने नौशाद अली की याचिका को निस्तारित करते हुए दिया है।
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याची ने हाईकोर्ट में निचली अदालत के फैसले को चुनौती दी थी। याची का तर्क था कि निचली अदालत ने मामले में फैसला सुनाते समय याची के हाईस्कूल के प्रमाण पत्र को नही देखा। दूसरे रिकॉर्डों को देखकर फैसला कर दिया, जो कि गलत है।
कोर्ट ने पाया कि निचली अदालत का फैसला सही नही है। हाईकोर्ट ने उसे रदद् कर दिया और निचली अदालत से कहा कि वह हाईस्कूल के सार्टिफिकेट को देखते हुए नए सिरे से विचार कर फैसला सुनाए।