महाकुंभ 2025 के पूर्व सिविल लाइंस बस अड्डे का पुनर्विकास किया जाना था। मौजूदा बिल्डिंग को तोड़कर नया बहुमंजिला भवन बनाया जाना था। पिछले वर्ष ही ओमेक्स कंपनी को टेंडर आवंटित किया गया।
सिविल लाइंस बस स्टेशन का कायाकल्प महाकुंभ तक होना मुश्किल है। संगमनगरी के पहले माॅडल बस स्टेशन के रूप में पुनर्विकसित किए जाने का काम अब तक शुरू नहीं हो सका है। यह हाल तब है जब संबंधित एजेंसी को तकरीबन छह माह पूर्व ही बस स्टेशन को विकसित करने का कार्य आवंटित हो चुका है। बस स्टेशन का पुनर्विकास 149 करोड़ में ओमेक्स को करना है।
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महाकुंभ 2025 के पूर्व सिविल लाइंस बस अड्डे का पुनर्विकास किया जाना था। मौजूदा बिल्डिंग को तोड़कर नया बहुमंजिला भवन बनाया जाना था। पिछले वर्ष ही ओमेक्स कंपनी को टेंडर आवंटित किया गया। बस अड्डे पर आधुनिक पार्किंग व कंट्रोल रूम, होटल कम रेस्टोरेंट, वीआईपी वेटिंग रूम, क्लाॅक रूम, एसी बुकिंग कार्यालय, शाॅपिंग माल, शोरूम, दुकान, वीआईपी लाउंज, बसों के लिए प्लेटफार्म, दिव्यांग फ्रेंडली टिकट काउंटर आदि की सुविधा दी जानी है। फिलहाल, यहां पुनर्विकास का कार्य अब तक शुरू नहीं हो सका है।
पिछले दिनों प्रयागराज पहुंचे परिवहन विभाग के सचिव वेंकटेश्वर लू के समक्ष यह मुद्दा रोडवेज के क्षेत्रीय प्रबंधक द्वारा उठाया गया। रोडवेज अफसरों का कहना है कि सिविल लाइंस बस स्टेशन का कार्य काफी महत्वपूर्ण है जो पिछले वर्ष ही शुरू हो जाना चाहिए था। अब समय कम है। इस बारे में रोडवेज के क्षेत्रीय प्रबंधक एमके त्रिवेदी का कहना है कि वरिष्ठ अफसरों को इस बारे में अवगत करा दिया गया है। उन्होंने कहा कि महाकुंभ के पूर्व निश्चित ही पुनर्विकास का कार्य पूरा हो जाएगा।