तैयारी में जुटा विभाग
नई नियमावली में लाइब्रेरियन को प्रवक्ता पद का कैडर दिया जाएगा या नहीं, यह अभी तय नहीं है। उच्च शिक्षा निदेशालय के सूत्रों के अनुसार अलग-अलग राज्यों की नियमावली में अलग-अलग प्रावधान किए गए हैं। उदाहरण के तौर पर उत्तराखंड में प्रवक्ता और लाइब्रेरियन के पद अलग-अलग हैं। सूत्रों का कहना है कि नियमावली तैयार कर रही समिति को भी सुझाव दिए गए हैं कि दोनों पदों को अलग-अलग रखा जाए।
सुझाव के साथ यह तर्क भी दिया गया है कि लाइब्रेरियन अगर प्रवक्ता का काम करेगा तो लाइब्रेरी कौन संभालेगा। वहीं, राजस्थान में सरकार ने अशासकीय कॉलेजों के कर्मचारियों और शिक्षकों को राजकीय कॉलेजों में समायोजित करने के बाद अशासकीय कॉलेजों को स्ववित्तपोषित संस्थान का दर्जा दे दिया है। हालांकि, राजस्थान में अशासकीय कॉलेजों की संख्या बहुत कम थी।
उत्तर प्रदेश में सैकड़ों की संख्या में अशासकीय कॉलेज हैं, सो यूपी में इसके लागू होने की उम्मीद नहीं है। फिलहाल अन्य राज्यों की नियमावलियों के अध्ययन के बाद जब राजकीय और अशासकीय कॉलेजों में लाइब्रेरियन भर्ती के लिए दो नई नियमावलियां तैयार की ली जाएंगी, तब भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया जाएगा। नियमावली तैयार होने के बाद यह भी स्पष्ट हो जाएगा कि प्रवक्ता एवं लाइब्रेरियन पद का कैडर एक होगा या अलग-अलग।