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अखबार पढ़ने से बढ़ता है शब्दकोश : मो. रिजवान

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पुस्तकों के साथ अखबारों को भी विद्यालयों की दैनिक पठन-पाठन संस्कृति का अनिवार्य अंग बनाएं। नियमित अखबार पढ़ने से विद्यार्थियों का शब्दकोश बढ़ेगा, तार्किक सोच के साथ एकाग्रता भी बढ़ेगी। विद्यालयों की प्रार्थना सभा में अखबार का वाचन और पुस्तकालय में उपलब्धता सुनिश्चित करें। यह निर्देश खंड शिक्षाधिकारी कोरांव मो. रिजवान खान ने दिए हैं।
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उन्होंने बताया कि 23 दिसंबर को मिले आदेश का पालन हर विद्यालय को करना होगा। सभी विद्यालयों में प्रार्थना सभा के दौरान अखबार का 15 मिनट वाचन किया जाए। इसके अलावा अखबार के छह कठिन व नए शब्दों के अर्थ बताए जाएं। इन शब्दों को कक्षा के पट्ट पर आज का सुविचार के साथ लिखे जाएं ताकि विद्यार्थी कई बार देख व समझ सकें। इससे विद्यार्थियों का शब्दकोश अच्छा होगा।
खंड शिक्षाधिकारी ने बताया कि सोशल मीडिया की वजह से बच्चों में पढ़ना कम हुआ है। जो भविष्य के लिए अच्छा नहीं है। उन्होंने कहा कि स्कूलों की लाइब्रेरी में अखबार, मैगजीन या किताबें पढ़ने के लिए एक पीरियड बनाए जाए।
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