फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

रविंद्र पुरी बोले: 13 अखाड़ों के महामंडलेश्वर को ही महाकुंभ में मिले जगह, अन्य को नहीं घुसने देगी अखाड़ा परिषद

Fri, 27 Sep 2024 02:17 PM IST
विनोद सिंह विनोद कुमार सिंह, अमर उजाला प्रयागराज

सार

अमर उजाला से विशेष बातचीत में अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष ने महाकुंभ की तैयारियों, विवादों और अन्य मामलों पर खुलकर बात रखी। उन्होंने कहा कि हम सभी चाहते हैं कि महाकुंभ के लिए जमीन आवंटन का मामला शांति और सद्भावपूर्ण तरीके से हो, लेकिन इसमें 13 अखाड़ों के अलावा अन्य महामंडलेश्वर को जगह नहीं दी जाएगी।
विज्ञापन
रविंद्र पुरी महाराज, अध्यक्ष अखाड़ा परिषद। - फोटो : अमर उजाला।
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष रविंद्र पुरी महाराज ने कहा कि परंपरागत 13 अखाड़ों के महामंडलेश्वर को ही महाकुंभ में जगह मिलनी चाहिए। इनके अलावा फर्जी अखाड़ों को मान्यता नहीं दी जाएगी और न ही उनके महामंडलेश्वर को प्रवेश करने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस बार महाकुंभ से पहले शाही और पेशवाई शब्दों को बदला जाना है, लेकिन आगामी अखाड़ा परिषद की बैठक में इस पर फैसला लिया जाएगा। तिरुपति प्रसादम में मिलावट उजागर होने के बाद उन्होंने अखाड़ों को इसकी जिम्मेदारी साैंपने की मांग उठाई है। साथ ही समिति बनाकर इसमें सभी अखाड़ों के एक-एक सदस्य शामिल करने की बात सरकार के समक्ष रखी है।

विज्ञापन












अमर उजाला से विशेष बातचीत में अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष ने महाकुंभ की तैयारियों, विवादों और अन्य मामलों पर खुलकर बात रखी। उन्होंने कहा कि हम सभी चाहते हैं कि महाकुंभ के लिए जमीन आवंटन का मामला शांति और सद्भावपूर्ण तरीके से हो, लेकिन इसमें 13 अखाड़ों के अलावा अन्य महामंडलेश्वर को जगह नहीं दी जाएगी। इस संबंध में अखाड़ा परिषद की ओर से शासन-प्रशासन और सरकार को भी अवगत कराया गया है।

विज्ञापन

तिरुपति में लड्डू विवाद के लिए देवस्थानम बोर्ड जिम्मेदार

रविंद्र पुरी महाराज ने कहा कि महाकुंभ से पहले शाही और पेशवाई शब्दों को बदला जाना है, लेकिन इसका अंतिम निर्णय अखाड़ा परिषद की बैठक में होना है। तिरुपति बालाजी के प्रसादम में मिलावट को उन्होंने अत्यधिक दुखद बताया। कहा कि घटना से सनातन समाज को गहरा धक्का लगा है। उन्होंने इसके लिए स्थानीय देव स्थानम बोर्ड को जिम्मेदार बताया। साथ ही उच्चस्तरीय जांच और सख्त कार्रवाई की मांग उठाई। उन्होंने बताया कि इस संबंध में सरकार से मांग की गई है कि देश के प्रमुख मंदिरों में प्रसाद की जिम्मेदारी अखाड़ों की साैंपी जाएगी। इसके लिए कमेटी बनाकर प्रत्येक अखाड़े से एक-एक व्यक्ति को शामिल किया जाना चाहिए। काशी विद्वत परिषद को इसकी जिम्मेदारी साैंपने की मांग पर उन्होंने कहा कि बीबी बच्चे और परिवार वाले संत नहीं हो सकते।
विज्ञापन

अखाड़ा परिषद के लिए चुनाव का औचित्य नहीं : रविंद्र पुरी

महाकुंभ से पहले अखाड़ा परिषद अध्यक्ष का चुनाव कराने के सवाल पर रविंद्र पुरी महाराज ने कहा कि उन्हें नाै अखाड़ों का समर्थन प्राप्त है। ऐसे में चुनाव कराने का कोई औचित्य नहीं है। विदित हो कि दो दिन पूर्व श्रीमहंत यमुनापुरी ने अखाड़ा परिषद अध्यक्ष के चुनाव की मांग उठाई थी। उन्होंने कहा था कि निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से चुनाव के बाद ही अखाड़ों में एकता आएगी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें