पता चला है कि इसमें वर्तमान राष्ट्रीय व सामाजिक परिदृश्य के साथ ही शिक्षा, सेवा, आर्थिक और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दे चर्चा में शामिल होंगे। भविष्य को ध्यान में रखकर सामाजिक समरसता का एजेंडा तो अहम होगा ही इसके अलावा गोसेवा, ग्राम विकास, पर्यावरण, कुटुंब प्रबोधन, सामाजिक समरसता जैसे विषयों को आगे बढ़ाने पर भी चर्चा होगी। संगठन के विस्तार और विशेष प्रयोगों की जानकारी भी दी जाएगी।
आरएसएस की सोच, नीति और धारणा से जुड़े लोग इसे राष्ट्र को दिशा देने वाले संघ के चिंतन कुंभ से जोड़कर देख रहे हैं। कहा जा रहा है कि आरएसएस की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की इस बैठक में पर्यावरण, पारिवारिक जागरूकता और सामाजिक सद्भाव से जुड़े विषयों पर ठोस प्रयासों पर चर्चा के अलावा विपरीत धारा वाली गतिविधियों से संबंधित जानकारी भी साझा की जाएगी। शिक्षा और वैचारिक क्षेत्रों, अर्थव्यवस्था, सामाजिक और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया जाएगा। खास तौर से लोक सभा चुनाव-2024 के लिए इस बार आरएसएस की पृष्ठभूमि से जुड़े नेताओं को ज्यादा तवज्जो देने पर भी जोर होगा।