जंघई इलाके के एक गांव की रहने वाली बीए की छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म के मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि पहले पुलिस चौकी जंघई पहुंची पीड़िता को पुलिस ने भगा दिया। मामला जब सोशल मीडिया में वायरल हुआ तो सोमवार को चौथे दिन रिपोर्ट दर्ज कर छात्रा को मेडिकल परीक्षण के लिए भेजा गया। पुलिस ने मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
सरायममरेज के जंघई पुलिस चौकी क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली बीए की छात्रा को विद्यालय जाते वक्त 18 अगस्त को चार पहिया वाहन सवार युवकों ने जबरन अपनी गाड़ी में खींच लिया। उसे नशीला पदार्थ सुंघाकर सामूहिक दुष्कर्म करने के बाद छोड़कर भाग निकले। पीड़िता ने लोकलाज के भय से पहले दिन परिजनों को यह बात नहीं बताई। दूसरे दिन उसने आपबीती बताई तो परिजन परेशान हो उठे और उसे लेकर जंघई चौकी पुलिस पहुंचे।
आरोप है कि पुलिस ने उसे डांटकर भगा दिया। फिर सरायममरेज थाने गई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। छात्रा के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म का मामला जब सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो पुलिस सकते में आ गई और चार दिन बाद सोमवार को धारा 328 व 376 के तहत एक नामजद सहित दो के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत कर पीड़ित छात्रा को मेडिकल परीक्षण के लिए भेज दिया। इस संबंध में क्षेत्राधिकारी हंडिया का कहना है कि इस मामले की जानकारी नहीं है, मामला संज्ञान में आने पर कार्रवाई की जाएगी।