पीड़िता के मामा ने 24 मार्च 2019 को थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई और आरोप लगाया कि उसकी सात वर्षीय नाबालिग भांजी को शाम साढ़े छह बजे घर के पीछे अभियुक्त ने पकड़ लिया।
जिला न्यायालय ने सोमवार को मांडा थानाक्षेत्र के अंतर्गत सात वर्षीय नाबालिग बालिका से दुष्कर्म मामले के आरोपी ओम प्रकाश मुसहर को 20 वर्ष के सश्रम कारावास एवं एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। यह आदेश विशेष न्यायाधीश (पाक्सो) पूनम ने अभियुक्त के वकील एवं सहायक शासकीय अधिवक्ता राहुल मिश्रा व इंदु प्रकाश सिंह के तर्कों को सुनकर दिया।
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पीड़िता के मामा ने 24 मार्च 2019 को थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई और आरोप लगाया कि उसकी सात वर्षीय नाबालिग भांजी को शाम साढ़े छह बजे घर के पीछे अभियुक्त ने पकड़ लिया। अभियुक्त ने पीड़िता के साथ दुष्कर्म किया। शोरगुल सुनकर गांववालों ने आरोपी को मौके पर पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया। अभियोजन ने कोर्ट के समक्ष आठ गवाहों को परीक्षित कराया। मामले के तथ्यों एवं अपराध की गंभीर प्रकृति को देखकर कोर्ट ने आरोपी को 20 वर्ष की कैद एवं एक लाख रुपये का जुर्माने की सजा सुनाई। ब्यूरो