सूबे के पर्यटन मंत्री नीलकंठ तिवारी ने आश्वस्त किया कि शृंगवेरपुरधाम में अंतरराष्ट्रीय रामायण केंद्र की स्थापना कराई जाएगी। इसके लिए वह स्वयं प्रयास करेंगे। इसके अलावा शृंगवेरपुरधाम के निकट गंगा को लाने के भी प्रयत्न किए जाएंगे।
पर्यटन मंत्री ने यह बातें बुधवार को शृंगवेरपुरधाम में पांच दिवसीय 31 वें राष्ट्रीय रामायण मेले का शुभारंभ करते हुए कहीं। पर्यटन मंत्री ने कहा कि भारत की सभ्यता एवं संस्कृति ही उसकी पहचान है। उन्होंने कहा कि गंगा राम घाट से एक किलोमीटर दूर बह रही हैं। गंगा को घाट के निकट लाने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएंगे।
मेले का शुभारंभ करते हुए स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती ने कहा कि शृंगवेरपुर की पावन धरती पर त्रेतायुग में भगवान श्रीराम ने निषादराज को गले लगाकर पूरी दुनिया को मित्रता का संदेश दिया था। उन्होंने ‘जन-जन के राम, शृंगवेरपुर के राम’ नाम का उद्घोष किया। इससे पूर्व मां भगवती की पूजा अर्चना और आरती की गई। सूबे के सांस्कृतिक केंद्र डेढिय़ा दल के कलाकारों ने नृत्य प्रस्तुत कर अतिथियों का स्वागत किया। अध्यक्षता फाफामऊ विधायक विक्रमाजीत मौर्य ने की।
किन्नर अखाड़ा महामंडलेश्वर कौशल्या देवी और कथा व्यास अतुल जी महाराज ने भी अपने विचार रखे। संचालन कमेटी के महामंत्री उमेशचंद्र द्विवेदी तथा आभार कमेटी के अध्यक्ष अधिवक्ता डॉ. बालकृष्ण पांडेय ने व्यक्त किया। इस मौके पर पूर्व विधायक दीपक पटेेल, सियाराम सरोज, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रतापगढ़ हरिओम मिश्र, जेएन यादव, शिव प्रसाद मिश्र, आलोक तिवारी, रामचंद्र फौजी, राजीव ओझा, समाज शेखर प्राण, सुरेन्द्र मिश्र, पूर्व ब्लॉक प्रमुख तुलसीराम सरोज आदि मौजूद रहे।
कोविड गाइडलाइन का किया गया पालन
मेले के शुभारंभ के दौरान प्रदेश सरकार की ओर से कोविड-19 को लेकर जारी नई गाइड लाइन का पालन किया गया। मेला प्रांगण में आए अतिथियों और आम लोगों को फेस मास्क लगाने को प्रेरित किया गया। एसडीएम सोरांव अनिल चतुर्वेदी व कार्यवाहक थाना प्रभारी अजय सिंह घाट और मेला क्षेत्र में मास्क तथा सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराते रहे।