अयोध्या में भव्य राममंदिर निर्माण के लिए देश के अब हर जिले में राजसूय यज्ञ होगा। इसकी शुरुआत अगले माह 26 फरवरी से होने जा रही है। शनिवार को माघ मेला स्थित विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के शिविर में वैदिक प्रयोग प्रमाण न्यास के प्रमुख स्वामी दिनेशानंद सरस्वती ने एलान किया कि इस कड़ी में सबसे पहले राजसूय यज्ञ फैजाबाद में कराया जाएगा। फिर देश के हर जिले में राजसूय यज्ञ कराने का कार्यक्रम है, ताकि राममंदिर निर्माण के लिए जो बाधा आ रही है वह दूर हो सके और इसमें रुकावट पैदा करने वाले लोगों को भगवान सद्बुद्धि दे।
माघ मेला स्थित विहिप के शिविर में 17 जनवरी से राजसूय यज्ञ चल रहा है, जिसका समापन 27 जनवरी को हुआ। यज्ञ के आयोजक एवं वैदिक प्रयोग प्रमाण न्यास के प्रमुख स्वामी दिनेशानंद ने बताया कि इलाहाबाद में आयोजित राजसूय यज्ञ कराने की तीन प्रमुख वजह अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण, प्रदूषण रहित भारत का निर्माण एवं देश में आतंकवाद का खात्मा रही। बताया कि इस दौरान राजसूय यज्ञ में कुल 20.41 लाख आहुतियां डाली गईं।
अब इसे विस्तार दिए जाने की जरूरत है। विहिप शिविर में आयोजित प्रेसवार्ता में उन्होंने बताया कि इन्हीं तीन मुद्दों को लेकर अब 26 फरवरी से राजसूय यज्ञ फैजाबाद में कराया जाएगा। इसके बाद देश के सभी जिलों में बारी-बारी से यज्ञ होेंगे। उन्होंने यज्ञ से होने वाले वैज्ञानिक फायदों के बारे में भी बताया। उन्होंने अमेरिकी वैज्ञानिक डॉ. माइक विलियन और क्रेम्वीयर के साथ भारतीय विज्ञानी डॉ. सत्य प्रकाश द्वारा यज्ञ को लेकर किए गए शोध और उसकी सकारात्मक रिपोर्ट का भी हवाला दिया।देश भर के विभिन्न जिलों में राजसूय यज्ञ कराने के बाद प्रमाण न्यास की ओर से अश्वमेध यज्ञ कराने की भी तैयारी है। इसका आयोजन वर्ष 2021 में इलाहाबाद में ही होगा। बताया कि इस यज्ञ में 51 लाख आहुतियां डाली जाएंगी।