Prayagraj News : महिला सिपाही से राखी बंधवाते मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी।
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यास्मीन के बाद सादमा ने बांधी ने शिव मंदिर के व्यवस्थापक की कलाई पर राखी
मुसीबत में काम आए शिव मंदिर के व्यवस्थापक को भाई मानकर राखी बांधने वाली उनकी बहन यास्मीन अब इस दुनिया में नहीं रहीं। कोरोना महामारी ने पिछले वर्ष उनको हमेशा के लिए छीन लिया। अब इस बार रक्षाबंधन पर शिव मंदिर के व्यवस्थापक ने नेह के बंधन से अपनी कलाई सजाने के लिए दूसी मुस्लिम बहन ढूंढ ली। इस बार सादमा से उन्होंने अपनी कलाई पर राखी बंधवाई है।
कोरोना संक्रमण से एक मुस्लिम बहन के खोने के बाद रानीमंडी स्थित शंभूनाथ मंदिर के व्यवस्थापक धीरज साहू ने इस बार भी मिसाल पेश की है। अतरसुइया की यास्मीन से बहन का उनका रिश्ता जुड़ने की कहानी भी कम दिलचस्प नहीं है। करीब 18 वर्ष पहले एक रोज रात करीब 12 बजे यास्मीन अपने शौहर के इंतजार में परेशान होकर शिव मंदिर के व्यवस्थापक से मदद मांगने के लिए पहुंच गई थीं। धीरज बताते हैं कि तब उनका पीसीओ था और मोबाइल की सुविधा नहीं थी।
यास्मीन काम पर गए अपने शौहर के घर न लौटने की वजह से चिंतित थीं। धीरज ने रात को पीसीओ खोलकर यास्मीन की उनके शौहर से न सिर्फ बात कराई, बल्कि उनको घर तक सुरक्षित पहुंचाया भी। इसी के बाद से यास्मीन धीरज को अपना भाई मानने लगीं। तभी से यास्मीन हर वर्ष धीरज को राखी बांधती रहीं, लेकिन पिछले वर्ष कोरोना संक्रमण की वजह से उनकी जान चली गई। इस बार रक्षाबंधन पर धीरज ने शंभूनाथ मंदिर में भंडारा होने की व्यस्तता के बावजूद उसी मुहल्ले की सादमा को बहन बना लिया और उनके राखी बंधवा कर मिसाल पेश की।
Prayagraj News : रक्षा बंधन का त्योहर धूमधाम से मनाया गया।
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बहनों ने दूसरे दिन भी भाइयों की कलाई पर बांधी नेह की डोर
रक्षाबंधन पर शुक्रवार को भी बहनों ने अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधी। इस दौरान बहनों ने आरती उतारकर भाइयों के माथे पर तिलक लगाया और फिर नेह की डोर कलाई पर सजाई। इस बार रक्षाबंधन पर बृहस्पतिवार को बहनें थाल सजाकर दिन भर राखी बांधने के लिए शुभ मुहूर्त का इंतजार करती रहीं। भद्रा होने की वजह से दिन में राखी नहीं बांधी जा सकी। शुक्रवार की सुबह से ही राखी बांधने का सिलसिला शुरू हो गया। इस दौरान भाइयों ने तरह-तरह के उपहार बहनों को दिए।