11 नवंबर 2019 को लखनऊ विश्वविद्यालय के तत्कालीन कुलपति प्रो. एमपी सिंह का कार्यकाल पूरा होने पर तत्कालीन रजिस्ट्रार एसके शुक्ला को कार्यवाहक कुलपति का कार्यभार मिला था। एसके शुक्ला की ओर से कुलपति का कार्यभार ग्रहण करने के बाद एलएलबी तीसरे सेमेस्टर की परीक्षा का पेपर लीक हो गया था।
प्रो. राजेंद्र सिंह (रज्जू भइया) राज्य विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार रहे एसके शुक्ला को निलंबित कर दिया गया है। लखनऊ विश्वविद्यालय में उनके कुलपति रहते एलएलबी तृतीय सेमेस्टर का पेपर लीक कराए जाने का प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने पर प्रदेश सरकार ने यह कार्रवाई की है। उनके खिलाफ जांच के लिए कमेटी भी गठित कर दी गई है।
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11 नवंबर 2019 को लखनऊ विश्वविद्यालय के तत्कालीन कुलपति प्रो. एमपी सिंह का कार्यकाल पूरा होने पर तत्कालीन रजिस्ट्रार एसके शुक्ला को कार्यवाहक कुलपति का कार्यभार मिला था। एसके शुक्ला की ओर से कुलपति का कार्यभार ग्रहण करने के बाद एलएलबी तीसरे सेमेस्टर की परीक्षा का पेपर लीक हो गया था। इसकी जांच एसआईटी से कराई गई। इस मामले में वायरल हुए ऑडियो के आधार पर एसआईटी ने जांच की और एसआईटी की जांच रिपोर्ट के आधार पर एसके शुक्ला को निलंबित कर दिया गया।
एसके शुक्ला प्रो. राजेंद्र सिंह (रज्जू भइया) राज्य विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार बनाकर भेजे गए थे। 30 जून 2022 को उनका तबादला संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय, वाराणसी के रजिस्ट्रार के पद पर दिया गया। राज्य विवि में तैनाती के दौरान स्ववित्तपोषित महाविद्यालय संगठन ने भी उनके खिलाफ कई आरोप लगाए थे। संगठन के अध्यक्ष हरिश्चंद्र सिंह ने सीएम को पत्र भेजकर आरोप लगाया था कि एसके शुक्ला संबद्धता के नाम पर अनियमितता कर रहे हैं और सहयोगियों से अभद्रता करते हैं। साथ ही संविदा कर्मियों को हटाकर अपने चहेतों को नियुक्त कर दिया।