इसी साल 28 अप्रैल को फिर उसे स्मैक के साथ राजापुर में ही सर्कुलर रोड तिराहा से गिरफ्तार किया गया। इस बार उससे 52 ग्राम स्मैक बरामद हुई। इसी मामले में वह हाल ही में जेल से छूटकर आया था। इसके अलावा मारपीट, गालीगलौज व धमकी देने के आरोप में उस पर तीन अन्य मुकदमे भी दर्ज हैं।
सवाल यह है कि आखिर बार-बार आपराधिक गतिविधियों में नाम आने के बावजूद उस पर कैंट पुलिस नरम क्यों बनी रही। कौन है जिसकी शह पर वह बेखौफ होकर नशे का धंधा संचालित कर रहा था। सूत्रों का यह भी कहना है कि पंकज ने स्मैक के धंधे का जाल राजापुर से लेकर धूमनगंज तक फैलाया था।
सिपाही व होमगार्ड पर किया था हमला
सूत्रों का कहना है कि एक अन्य आरोपी राशिद भी आपराधिक प्रवृत्ति का है। 16 नवंबर 2020 को उसने ऊंचवागढ़ी में ही कैंट थाने के सिपाही राजन निषाद व होमगार्ड अशोक यादव पर हमला किया था। वह अपने एक साथी शहंशाह के साथ शराब के नशे में धुत होकर मोहल्ले में आधी रात गालीगलौज कर रहा था। टोकने पर सिपाही व होमगार्ड से भिड़ गए और हमला किया। इस मामले में मुकदमा दर्ज कर दोनों को गिरफ्तार भी किया गया था। इस तरह तीसरे आरोपी शनि पर भी मारपीट का मुकदमा दर्ज है।