घूरपूर के दलवाबारी गांव में लोगों के घरों में भरा बरसात का पानी
कस्बे में दो दिनों से हो रही बारिश ने स्थानीय लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। क्षेत्र के कई गांवों में नालियों की नियमित सफाई न होने और नालियों के जाम होने से बारिश का पानी लोगों के घरों में घुस गया।
क्षेत्र के दलवाबारी गांव में घरेलू सामान पानी में समा गया है। इस कारण परिवार के लोग पड़ोसी के घरों में शरण लेने के लिए मजबूर रहे। स्थानीय निवासी सोनू सिंह ने बताया कि नाली की समस्या को लेकर कई बार खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) जसरा सहित संबंधित अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन आज तक कोई अधिकारी मौके का निरीक्षण करने नहीं पहुंचा। आरोप है कि समय रहते नालियों की सफाई कराई गई होती तो लोगों को इस समस्या का सामना नहीं करना पड़ता।
नवाबगंज में लोगों के घरों में पानी भर गया। वहीं, छोटे दुकानदारों का कारोबार प्रभावित हुआ है। हाईवे पर जलभराव से सफर करने वाले लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। करछना में मंगलवार सुबह करीब डेढ़ घंटे हुई बारिश से खेतों को धान की रोपाई के लिए पर्याप्त पानी मिल गया है।
कौंधियारा में धान की रोपाई को मिली रफ्तार
मंगलवार की सुबह करीब डेढ़ घंटे तक हुई बारिश से धान की रोपाई को रफ्तार मिली है। मौसम सुहावना होने से तापमान में भी गिरावट आई है। बीते दिनों तेज धूप और उमस के कारण लोग परेशान थे। हालांकि, बारिश से निचले इलाकों में जलभराव हो गया। मऊआइमा में तालाबों के ओवरफ्लो और बड़े-बड़े गड्ढों के कारण जलभराव हो गया। मंगलवार को हुई तेज बारिश से बाइक सवार और साइकिल सवार गिर गए। स्थानीय निवासी रईस, रमेश, नन्हें, दिलशाद, बब्लू और गणेश ने बताया कि कई मोहल्लों का घरेलू पानी नालियों के रास्ते इन्हीं तालाबों में जाता है। मेजा में आठ घंटे हुई बारिश से धान की फसल को संजीवनी मिल गई है।
घूरपूर के दलवाबारी गांव में लोगों के घरों में भरा बरसात का पानी
घूरपूर के दलवाबारी गांव में लोगों के घरों में भरा बरसात का पानी