आईसीएफ चेन्नई में जो कोच बन रहे हैं, उनमें से एक-एक कर सिटिंग कोच लगाए जाएंगे। इसके किराये को लेकर रेलवे बोर्ड में मंथन चल रहा है। चर्चा है कि वर्तमान में चल रही एक्सप्रेस ट्रेनों के एसी टू श्रेणी से वंदे भारत के स्लीपर का किराया कुछ ज्यादा हो सकता है। किराये का निर्धारण होने के बाद संबंधित रेल मंडलों को भेज दिया जाएगा। वंदे भारत के स्लीपर कोच में कुल 51 सीटें रहेंगी।
नई दिल्ली-वाराणसी वंदे भारत एक्सप्रेस की बात करें तो यह देश में निर्मित पहली सेमी हाईस्पीड ट्रेन है। यह एक मात्र ऐसी वंदे भारत एक्सप्रेस है जिसकी नई दिल्ली से प्रयागराज जंक्शन तक औसत स्पीड 100 किमी प्रति घंटा है। जनवरी 2024 में स्लीपर का एक से दो कोच इसमें लगा दिया जाएगा।