शहर की डेढ़ किमी लंबी सेतु परियोजना पर भूमि हस्तांतरण की उम्मीद जग गई है। इसके लिए पहले सेना की ओर से भूमि देने से इंकार के बाद यह परियोजना अधर में लटक गई थी। लेकिन, राज्य सरकार की पहल पर सेना और प्रशासन के बीच कई दौर की वार्ता के बाद रास्ता निकल गया है।
चौफटका आरओबी पर भूमि हस्तांतरण के लिए सेना और उत्तर प्रदेश सेतु निर्माण निगम के अफसरों के बीच सहमति बन गई है। करीब डेढ़ किमी लंबे आरओबी के लिए सेना से 1.44 हेक्टेयर भूमि खरीदी जाएगी। भूमि की पैमाइश के बाद भूमि हस्तांतरण पर सहमति बन गई है। जल्द ही भूमि का हस्तांतरण कराए जाने की उम्मीद है। इसी के साथ पाइलिंग का काम शुरू करा दिया जाएगा।
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शहर की डेढ़ किमी लंबी सेतु परियोजना पर भूमि हस्तांतरण की उम्मीद जग गई है। इसके लिए पहले सेना की ओर से भूमि देने से इंकार के बाद यह परियोजना अधर में लटक गई थी। लेकिन, राज्य सरकार की पहल पर सेना और प्रशासन के बीच कई दौर की वार्ता के बाद रास्ता निकल गया है। चौफटका सेतु के लिए सेतु निगम और सेना के अफसरों की मौजूदगी में पैमाइश कराए जाने के बाद भूमि हस्तांतरण पर सहमति बन गई है। इसके साथ ही सेना की भूमि के हस्तांतरण के लिए भी कोशिशें तेज कर दी गई हैं।
बम्हरौली एयरपोर्ट से प्रयागराज शहर के बीच सूबेदारगंज में प्रस्तावित इस ओवरब्रिज की डिजाइन को अंतिम रूप दे दिया गया है। इसी के साथ 284 करोड़ रुपये की लागत वाले इस आरओबी के निर्माण का सेतु निगम के अफसरों ने खाका खींच लिया है। सेतु निगम की ओर से कराए गए एलाइनमेंट के अनुसार महिला ग्राम स्कूल के सामने से जागृति चौराहे से होकर सूबेदारगंज रेलवे स्टेशन के पास से होते हुए जागृति चौराहे के आगे इस आरओबी को ले जाया जाएगा। इसके साथ ही जीटी रोड पर डबल लेन का फ्लाईओवर भी बनाया जाएगा।
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चौफटका आरओबी के लिए 60 करोड़ से अधिक चुकाएगा सेतु निगम
पैमाइश के बाद चौफटका आरओबी के लिए भूमि का मूल्यांकन शुरू कर दिया गया है। इसके तहत करीब 60 करोड़ रुपये सेतु निगम को चुकाने होंगे। सूबेदारगंज रेलवे क्रासिंग के बाद जीटी रोड तक यह आरओबी सेना की भूमि के बीच से ही गुजरेगा। अब सेतु निगम के अफसरों को सेना की ओर से भूमि खरीदने संबंधी सहमति पत्र जारी करने का इंतजार है। इस दिशा में जल्द कदम बढ़ाए जाने के संकेत मिले हैं।