रेलवे द्वारा 17 माह के अंतराल के बाद एमएसटी सेवा शुरू करने के बाद चुनिंदा ट्रेनों में यात्रियों को सफर की अनुमति दिए जाने की वजह से दैनिक यात्री खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं। प्रयागराज जंक्शन की बात करें तो यहां से गुजरने वाली मात्र एक ट्रेन में ही एमएसटी धारकों को सफर करने की अनुमति दी गई है। इस वजह से सप्ताह भर में यहां महज तीन यात्रियों ने ही एमएसटी बनवाई है।
प्रयागराज मंडल के बाकी स्टेशनों की भी स्थिति ज्यादा अच्छी नहीं है। लॉकडाउन के पूर्व प्रयागराज मंडल में एमएसटी धारकों की संख्या 14 हजार से ज्यादा थी। लेकिन अभी तक रेलवे द्वारा सिर्फ 38 ट्रेनों में ही एमएसटी धारकों को सफर की अनुमति दिए जाने की वजह से मिर्जापुर, प्रयागराज, फतेहपुर, छिवकी, अलीगढ़, टूंडला, इटावा, खुर्जा, विंध्याचल, मानिकपुर, फफूंद, कानपुर अनवरगंज आदि स्टेशनों से महज तीन हजार यात्रियों द्वारा ही एमएसटी बनवाई गई है। रेलवे द्वारा जिन ट्रेनों में यात्रियों को सफर की अनुमति दी गई है वह सभी अनारक्षित ट्रेनें हैं। वहीं दूसरी ओर तीन सितंबर से उत्तर रेलवे भी अपनी कुछ ट्रेनों में एमएसटी धारकों को सफर की अनुमति दे रहा है। उत्तर रेलवे द्वारा कुल 56 ट्रेनों की सूची जारी की गई है। उत्तर मध्य रेलवे की तरह उत्तर रेलवे ने भी उन्हीं ट्रेनों की सूची जारी की है जो अनारक्षित श्रेणी की है।
प्रयागराज संगम की किसी भी ट्रेन में अभी एमएसटी नहीं
प्रयागराज संगम से विभिन्न शहरों के लिए संचालित किसी भी ट्रेन में एमएसटी सेवा का लाभ यात्रियों को नहीं मिलेगा। उत्तर रेलवे द्वारा एमएसटी धारकों के लिए जिन 56 ट्रेनों की सूची जारी की गई है उसमें से एक भी ट्रेन प्रयागराज संगम से नहीं चलती है। जबकि यहां से लखनऊ, अयोध्या, फैजाबाद आदि शहरों के लिए नियमित रूप से ट्रेनें चल रही हैं। यहां के एमएसटी धारक लगातार मांग कर रहे हैं कि उन्हें एमएसटी पर सफर की अनुमति दी जाए।
एनसीआर जोन की 38 अनारक्षित ट्रेनों में एमएसटी धारकों को सफर की अनुमति दी गई है। जैसे-जैसे हालात सामान्य होंगे ट्रेनों की संख्या में जोन द्वारा इजाफा किया जाएगा। - डा. शिवम शर्मा, सीपीआरओ, एनसीआर।