भारतीय रेलवे ने कर्मचारियों की पहचान प्रणाली को पूरी तरह डिजिटल, आधुनिक और पारदर्शी बनाने के लिए क्यूआर कोड वाले पहचान पत्र जारी करने शुरू कर दिए हैं।
उत्तर मध्य रेलवे सहित देश के सभी जोनों और मंडलों में इस नई व्यवस्था को लागू किया जा रहा है, जिससे पारंपरिक कागजी पहचान पत्र जल्द ही पूरी तरह निष्प्रभावी हो जाएंगे।
रेलवे बोर्ड के निर्देश पर आरआइएटीईएस (रेल इंडिया टेक्निकल एंड इकोनामिक सर्विस) की ओर से संचालित इस पोर्टल को सीधे एचआरएमएस डेटाबेस से जोड़ा गया है, जिससे ऑफलाइन प्रक्रिया समाप्त हो गई है।
अब सभी नियमित कर्मचारियों, अधिकारियों और संविदा कर्मियों को नए क्यूआर कोड युक्त आई कार्ड के लिए एचआरएमएस आईडी के जरिये ऑनलाइन आवेदन करना होगा।
आवेदन के लिए पंजीकृत मोबाइल नंबर पर ओटीपी आएगा और पोर्टल पर सफेद बैकग्राउंड का हालिया पासपोर्ट फोटो व जरूरी दस्तावेज अपलोड करने होंगे। इस नई डिजिटल व्यवस्था से ऑन-ड्यूटी चेकिंग के दौरान रेलकर्मियों की पहचान, पदनाम और विभाग का डिजिटल सत्यापन तत्काल हो सकेगा।