न्यू पेंशन स्कीम (एनपीएस) के विरोध समेत 30 सूत्रीय मांगों को लेकर रेलकर्मियों ने बुधवार प्रदर्शन किया। नार्थ सेंट्रल रेलवे इंपलाइज संघ के बैनर तले हुए प्रदर्शन में रेलकर्मियों ने प्रयागराज जंक्शन सिविल लाइंस साइड से डीआरएम ऑफिस तक जुलूस भी निकाला। वहां डीआरएम को 30 सूत्रीय मांगों को एक मांगपत्र सौंपा गया।
इंपलाइज संघ के जोनल महामंत्री आरपी सिंह के नेतृत्व में जंक्शन स्थित कार्यालय में जुलूस निकाले जाने से पूर्व एक सभा हुई। सभा में मंडल मंत्री मान सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार का रवैया मजदूर विरोधी है। कहा कि सरकार ने कारोना के बहाने एक जनवरी 2020, एक जुलाई 2020 एवं एक जनवरी 2021 से मिलने वाले डीए को मनमाने ढंग से बंद कर दिया। इससे मजदूरों को गंभीर नुकसान हो रहा था, इसका इंपलाइज संघ ने विरोध किया तो जुलाई माह में सरकार ने डी.ए. देने की घोषणा की लेकिन अभी भी सरकार ने 18 माह के डीए का एरियर नहीं दिया है।
सभा में पूर्व मंडल सचिव गोबिन्द सिंह ने कहा कि सरकार द्वारा 43600 रूपये के ऊपर वेतन पाने वालों का रात्रि भत्ता बन्द कर दिया गया है जबकि भारतीय रेलवे में कर्मचारी रात दिन कार्य किया करते है। यूनियन नेता आलोक सहगल ने कहा कि रेल कर्मियों से आठ घंटे के बजाय 12-12 घंटे काम लिया जा रहा है, जो बिल्कुल ही अमानवीय है। सभा में रेलकर्मियों ने गार्ड/लोको पायलट को 4600 और ट्रैक मेंटेनरों को 4200 ग्रेड पे देने की मांग प्रमुखता से उठाई गई।
महिलाओं के कार्यस्थल पर चेजिंग रूम, शौचालय ने होने का मुद्दा भी रेलकर्मियों ने उठाया। नेताओं ने सरकार को आगाह किया कि रेलवे का निगमीकरण/निजीकरण किया गया तो आन्दोलन को और भी सशक्त बनाया जायेगा। आवश्यकता पड़ी तो रेल का चक्का भी जाम किया जायेगा। इस दौरान रेलकर्मियों का जुलूस जंक्शन स्थित यूनियन कार्यालय से निकला जो नवाब युसूफ रोड होता हुआ डीआरएम ऑफिस तक गया। वहां डीआरएम को ज्ञापन सौंपा गया। इस अवसर पर एसके मिश्र, एस. के. सिंह, अखिलेश सिंह राठौर, सत्य नारायण, सत्यम गुप्ता, बी. के. यादव, राकेश चौधरी, अनिल यादव, शास्त्री देवी, एस. के. यादव, एस. के. शर्मा आदि मौजूद रहे।