नगर निगम में सोमवार को नगर निगम एवं जलकल विभाग कार्यकारिणी समिति की बैठक में मौजूद महापौर, नगर आयुक्त और पार्षदगण।
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व्यावसायिक भवनों के बढ़े गृहकर को लेकर हंगामे के बीच सोमवार को नगर निगम कार्यकारिणी समिति में वित्तीय वर्ष 2016-17 का बजट पेश नहीं हो सका। विरोध के बीच कार्यकारिणी सदस्यों ने बजट बैठक स्थगित कर पहले बढ़े गृहकर पर चर्चा की मांग की। तकरीबन घंटेभर चली चर्चा के बाद तय हुआ कि एक अप्रैल को निगम सदन बुलाकर बढ़े टैक्स को कम करने का प्रस्ताव तैयार कराके शासन को भेजा जाए। वहां से जो निर्णय होगा, उसे माना जाएगा।
कार्यकारिणी समिति की बैठक में महापौर अभिलाषा गुप्ता नंदी ने नगर आयुक्त देवेंद्र कुमार पांडेय को बजट पेश कराने का निर्देश दिया। इस बीच कार्यकारिणी सदस्य बजट के बजाए पहले गृहकर पर चर्चा की मांग पर अड़ गए। महापौर ने सदस्यों की मांग स्वीकार करते हुए अफसरों को बाहर कर दिया। इसके बाद गृहकर का विरोध कर रहे पार्षदों पर जमकर भड़ास निकाली। कहा कि व्यावसायिक भवनों के टैक्स में बढ़ोतरी पर सदन में पार्षदों ने ही सहमति जताई थी, जिसे शासन को भेजा गया और वहां से इसे लागू किया गया। सवाल किया कि इस मामले में शासन, नगर विकास मंत्री का विरोध करने के बजाए महापौर का विरोध क्यों किया जा रहा है।
महापौर ने यह भी कहा कि छोटी दुकानों का टैक्स कम कराने का प्रयास हो रहा है। नगर विकास मंत्री ने इसके लिए आश्वासन भी दिया है। इस बीच पार्षद शिव सेवक सिंह ने महापौर पर गुटबाजी करने का आरोप लगाया। कहा कि उन्होंने मंत्री को ज्ञापन देकर सिर्फ फोटो खिंचवाई। कार्यकारिणी उपाध्यक्ष सुशील यादव ने कहा कि नियमावली में संशोधन होने तक इंतजार क्यों नहीं किया जा रहा। कहा कि जब तक संशोधन न हो, पुरानी दर पर 10 प्रतिशत छूट के साथ गृहकर लिया जाए। निजामउद्दीन ने कहा कि जो लोग बढ़े टैक्स का विरोध कर रहे हैं, उन्हें पूर्व में हाईकोर्ट से फटकार मिल चुकी है। इस बीच अतहर रजा लाडले, किरन जायसवाल, आभा द्विवेदी, पुष्पा कुशवाहा, आनंद सिंह, राजेश निषाद, सोनिका अग्रवाल ने सदन की बैठक बुलाने की मांग की। कहा कि सदन में बढ़े गृहकर के संशोधन का प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा जाए। इस पर महापौर ने एक अप्रैल में दिन में 12 बजे सदन की बैठक बुलाने की घोषणा की।