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साइको किलर गिरोह : दो महिलाओं की वजह से पनपा गिरोह, रेकी और मुखबिरी करती थीं दोनों 

Thu, 05 May 2022 01:12 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

रोहित व उसके साथी और भीम कुमार गौतम का परिवार मिलकर आपाधिक घटनाओं को अंजाम देने लगा। वे घर चिह्नित कर रोहित को सूचना दे देते थे। इसके बाद वह पूरे गिरोह के साथ यहां आकर वारदात को अंजाम देकर भाग जाता।
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Prayagraj News : थरवई में सामूहिक हत्याकांड के आरोपियों को पुलिस ने किया गिरफ्तार। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पुलिस ने बुधवार को जिस साइको किलर गिरोह को पकड़ा है, वह दो महिलाओं की वजह से पनपा। बाद में महिलाएं बदमाशों के लिए रेकी और मुखबिरी काम करने लगीं। महिलाओं की वजह से बदमाशों को भागने और छिपने में काफी मदद मिलती थी। 

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कैमूर बिहार की रहने वाली संगीता खरवार वर्षों पहले अपनी बेटी नेहा और पति को छोड़कर फाफामऊ आ गई थी। बेटे मोनू को वह साथ लाई थी। यहां उसने भीम कुमार गौतम से शादी की। वर्षों बाद जब उसकी बेटी नेहा बड़ी हुई तो उसने शातिर अपराधी रोहित खरवार से शादी कर ली। इसके बाद रोहित और नेहा कई बार फाफामऊ आए। रोहित के साथ तमाम अपराधी भी आने लगे।


रोहित व उसके साथी और भीम कुमार गौतम का परिवार मिलकर आपाधिक घटनाओं को अंजाम देने लगा। वे घर चिह्नित कर रोहित को सूचना दे देते थे। इसके बाद वह पूरे गिरोह के साथ यहां आकर वारदात को अंजाम देकर भाग जाता।
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वे ऐसे घर को चुनते जहां महिलाएं ज्यादा होतीं थी। इस साइको किलर गिरोह की मोडस आप्रेंडी यह थी कि पूरे परिवार को मार देते थे। इसके बाद जो थोड़ा बहुत और गहने मिलते उन्हें लूट लेते। वे कभी भी बड़े घरों को निशाना नहीं बनाते थे, क्योंकि वहां पकड़े जाने का ज्यादा खतरा होता था। वे घर में घुसते ही धारदार हथियारों से सब को मरणासन्न कर देते थे। दोनों महिलाओं की जिम्मेदारी घटना के पहले और बाद में जाकर माहौल देखना भी होता था। 

गिरोह से बरामदगी 
पुलिस ने गिरोह के पास से तीन तमंचे, दो बांका, एक कुल्हाड़ी, एक हथौड़ा और एक नुकीला पेचकस बरामद किया है। पुलिस का कहना है कि इन्हीं सबसे वे बड़ी से बड़ी वारदातों को अंजाम देते थे। 


कई घटनाओं का खुलासा 
पुलिस ने गिरोह को पकड़कर जिले की कई घटनाओं से पर्दा उठाया। गोहरी और खेवराजपुर के अलावा पुलिस द्वारा मांडा और कौंधियारा की घटनाओं का भी खुलासा होने का दावा किया गया। पुलिस अफसरों के मुताबिक सोरांव और नवाबगंज के यूसुफपुर में भी इसी गिरोह ने सामूहिक हत्याकांड की घटनाओं को अंजाम दिया था।  
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साइको किलर गिरोह के सदस्यों पर 36 मुकदमे 
साइको किलर गिरोह के पकड़े गए और फरार सदस्य शातिर अपराधी हैं। पहले भी इस तरह की घटनाओं में पकड़े जा चुके हैं। इनके खिलाफ और मुकदमों की जानकारी की जा रही है। अब तक नौ सदस्यों पर 36 मुकदमे होने का पता चला है। 


खुलासे पर सवाल भी, डीएनए टेस्ट के बाद मिलेगा उत्तर 
पुलिस ने बुधवार को बदमाशों को गिरफ्तार कर जिले की आधा दर्जन से अधिक घटनाओं के खुलासे का दावा किया है। गिरोह के कुछ सदस्य जेल भी जा चुके हैं। कुछ पर पुलिस ने इनाम भी घोषित किया था। सवाल यह उठता है कि महज पांच हजार और दो हजार जैसी छोटी रकम के लिए बिहार से गिरोह के सदस्य आते थे और सामूहिक हत्याएं करके चले जाते थे।


फरार मुर्गी पांख और डेभी खरवार पर पुलिस ने उन घटनाओं में इनाम भी घोषित किया है। इसके बाद भी उन्होंने आकर बेहद गरीब घर में ऐसी नृशंस घटनाओं को अंजाम दिया। पुलिस के पास उनके बयानों के अलावा और कोई ठोस सुबूत नहीं मिले हैं। हालांकि इन सब सवालों पर अधिकारियों का कहना है कि अपराधियों का डीएनए परीक्षण कराया जा रहा है। इसके बाद सारे उत्तर मिल जाएंगे। 
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