वरिष्ठ नेता रेवती रमण सिंह को राज्य सपा का टिकट नहीं दिए जाने से सपा में विरोध मुखर हो गया है। कई समर्थकों ने पार्टी नेताओं से वार्ता तथा सोशल मीडिया पर पोस्ट डालकर अपना विरोध जताया है तो इस्तीफे का दौर भी शुरू हो गया है।
रेवती रमण सिंह के राज्यसभा में सदस्यता का कार्यकाल जुलाई में खत्म हो रहा है। उम्मीद जताई जा रही थी कि पार्टी उन्हें फिर से उम्मीदवार बनाएगी लेकिन समर्थकों को मायूसी हुई।
टिकट नहीं मिलने पर रेवती रमण सिंह भी विरोध दर्ज करा चुके हैं। वह भाजपा में जाने समेत सभी विकल्प खुल होने की बात कह चुके हैं। रेवती रमण सिंह के इस रुख के बाद समर्थकों की नाराजगी भी अब सामने आने लगी है। सपा व्यापार सभा के प्रदेश उपाध्यक्ष दुर्गा प्रसाद गुप्ता ने रेवती रमण के हर फैसले का स्वागत करते हुए उनके साथ जाने की बात कही है।
सपा शिक्षक सभा प्रदेश कार्यकारिणी के सदस्य संदीप त्रिपाठी ने भी इस्तीफा दे दिया है। सपा में विभिन्न पदों पर रहे रेवती रमण सिंह के प्रतिनिधि श्रीकांत यादव ने भी पार्टी की सदस्यता तथा सभी तरह की जिम्मेदारियों से इस्तीफा दे दिया है। उनका कहना है कि सपा से 24 वर्ष का साथ खत्म हो गया।
युवजन सभा के जिला सचिव मयंक पांडेय ने पार्टी की सदस्यता तथा सभी जिम्मेदारियों से इस्तीफा दे दिया है। मयंक ने यह भी आरोप लगाया कि सपा अध्यक्ष परिवारवाद के कुचक्र से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं। विशाल शर्मा, शुभम पांडेय, देवेश शर्मा समेत अनेक कार्यकर्ताओं ने रेवती रमण को टिकट नहीं मिलने पर नाराजगी जताई है। साथ ही रेवती रमण के हर फैसले में साथ रहने की बात कही है।