इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) में छात्र आंदोलन के दौरान बुधवार दोपहर करीब 12 बजे एक बार फिर माहौल गरमा गया। फीस बढ़ोतरी और सीटों में कटौती के विरोध में चल रहे आंदोलन के दौरान मंगलवार को छात्रों के दो गुटों में मारपीट हो गई थी। इसी मामले में कार्रवाई की मांग को लेकर छात्रों ने लाइब्रेरी गेट के बाहर पांच घंटे प्रदर्शन व चक्काजाम किया।
मामले में कर्नलगंज पुलिस ने चार नामजद समेत 20 अज्ञात पर एफआईआर दर्ज की है। वहीं, परिसर में अव्यवस्था के विरोध में शिक्षकों ने भी मार्च निकालकर नाराजगी जताई।
मंगलवार को दिशा छात्र संगठन के छात्रों से दूसरे छात्र गुट का विवाद हुआ था। इसके बाद दोनों पक्षों में मारपीट हो गई थी। एक छात्र गुट एफआईआर दर्ज कराने की मांग को लेकर मंगलवार को कर्नलगंज थाने पहुंचा लेकिन कार्रवाई नहीं हुई।
रात को जब छात्रों ने थाने के सामने वाली रोड को जाम किया तो पुलिस प्रशासन मेडिकल के लिए तैयार हुआ। बुधवार को मामले में एफआईआर दर्ज करने का आश्वासन दिया गया। रात लगभग दो बजे छात्र थाने से हटे।
अगली सुबह एफआईआर दर्ज नहीं होने पर गुस्साए छात्र करीब 11 बजे इविवि लाइब्रेरी गेट के सामने रोड पर एकत्रित होने लगे। करीब 12 बजे उन्होंने चक्का जाम कर दिया।
करीब पांच घंटे तक प्रदर्शन और चक्काजाम के बाद कर्नलगंज पुलिस ने शाम करीब 5:15 बजे एफआईआर दर्ज की। घायल छात्रों का बयान दर्ज हुआ। फिर छात्रों ने रोड खाली की। इस दौरान विश्वविद्यालय गेट से लल्लचुंगी तक, केपीयूसी गेट से बालसन तक लंबा जाम लगा रहा। वहीं, कर्नलगंज थाना प्रभारी संजय सिंह ने बताया कि एफआईआर दर्ज कर ली गई है, मामले की जांच की जा रही है। आरोपियों को चिह्नित किया जा रहा है।
आंदोलन करने आए हो नेता बनोगे...
चंदौली निवासी यशदीप कुमार ने पुलिस को बताया कि वह इविवि में बीए अंतिम वर्ष के छात्र हैं। वह पढ़ाई करने के लिए विवि जा रहे थे लाइब्रेरी सामने पहुंचे तो प्रवीन सिंह, अर्जुन सिंह, विकास, आयुष व 15-20 अज्ञात लोगों ने रोककर गालीगलौज की। कहा, आंदोलन करने आए हो नेता बनोगे। इसके बाद मारपीट की। पीड़ित के सिर में चोट आई है।