प्रदेश के अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक स्कूलों में वर्ष 2013 की प्रधानाचार्य भर्ती का पैनल जल्द जारी होगा। यह पैनल हाईकोर्ट के लखनऊ खंडपीठ के निर्णय के क्रम में आएगा। इससे करीब 407 प्रधानाचार्यों की नई तैनाती का रास्ता साफ होगा।
माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड ने दिसंबर 2013 में 632 प्रधानाचार्य पदों का विज्ञापन निकाला था। फरवरी 2014 अंतिम तिथि थी। साक्षात्कार न होने पर 2019 में मनीष कुमार त्रिपाठी और अन्य ने लखनऊ खंडपीठ में वाद दायर किया। कोर्ट ने मार्च 2022 में साक्षात्कार कराने का आदेश दिया।
नवंबर 2022 में 599 प्रधानाचार्यों का चयन परिणाम घोषित हुआ। राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के प्रदेश महामंत्री संतोष कुमार शुक्ला के अनुसार, प्रयागराज, अलीगढ़, वाराणसी और देवीपाटन सहित चार मंडलों का पैनल रुका था। कार्यवाहक प्रधानाचार्यों के स्थगन आदेश के कारण सिर्फ 124 प्रधानाचार्य ही कार्यभार ग्रहण कर पाए थे।
कानूनी अड़चनें और वर्तमान स्थिति
लखनऊ खंडपीठ ने 31 जुलाई 2026 को चयनित अभ्यर्थियों को कार्यभार ग्रहण कराने का आदेश दिया। अब करीब 407 प्रधानाचार्य कार्यभार ग्रहण कर सकते हैं। राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने आयोग के अध्यक्ष और सचिव से मुलाकात की है। उप्र शिक्षा सेवा चयन आयोग के अध्यक्ष प्रशांत कुमार ने बताया कि लखनऊ खंडपीठ का आदेश प्राप्त हुआ है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इलाहाबाद खंडपीठ में भी मामला विचाराधीन है, इसलिए पैनल दोनों खंडपीठों के निर्णय के आधार पर ही जारी होगा।