गंगा किनारे वाले झूंसी रेलवे स्टेशन को टर्मिनल रेलवे स्टेशन के रूप में विकसित किया जा सकता है। सबकुछ योजना के मुताबिक रहा तो वर्ष 2031 में लगने वाले कुंभ मेले के पूर्व झूंसी स्टेशन टर्मिनल के रूप में विकसित कर दिया जाएगा। टर्मिनल स्टेशन बनने के बाद यहां तमाम यात्री सुविधाएं भी बढ़ेंगी।
गंगा किनारे वाले झूंसी रेलवे स्टेशन को टर्मिनल रेलवे स्टेशन के रूप में विकसित किया जा सकता है। सबकुछ योजना के मुताबिक रहा तो वर्ष 2031 में लगने वाले कुंभ मेले के पूर्व झूंसी स्टेशन टर्मिनल के रूप में विकसित कर दिया जाएगा। टर्मिनल स्टेशन बनने के बाद यहां तमाम यात्री सुविधाएं भी बढ़ेंगी। यहां यात्री विश्रामालय, प्रतीक्षालय के साथ फूड प्लाजा आदि की सुविधाएं भी यात्रियों को मिलेंगी।
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महाकुंभ के दौरान प्रयागराज जंक्शन के बाद सर्वाधिक स्पेशल ट्रेन झूंसी से ही चलाई गई। यहां से वाराणसी, गोरखपुर आदि शहरों के लिए काफी संख्या में कुंभ स्पेशल ट्रेन संचालित हुई। महाकुंभ के अनुभव को देखते हुए प्रयागराज मंडल द्वारा एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार की गई है। यह रिपोर्ट अब रेलवे बोर्ड को भेजी जाएगी।
इसमें कहा गया है कि प्रयागराज रामबाग स्टेशन के मुकाबले रेलवे के पास झूंसी में जमीन ज्यादा है। इस वजह से वहां वॉशिंग लाइन, सिक लाइन का निर्माण एवं यार्ड का विस्तार किया जा सकता है। 2031 में लगने वाले कुंभ मेले के पूर्व इस स्टेशन को अगर टर्मिनल के रूप में विकसित किया जाता है तो यात्रियों को खासी सुविधा होगी और रेल परिचालन भी सुगम होगा। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है महाकुंभ के दौरान झूंसी ही शहर का एक मात्र ऐसा स्टेशन था जहां यात्रियों को दोनों ओर से प्रवेश व निकास की सुविधा उपलब्ध थी।
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अब टर्मिनल स्टेशन बनने से कुंभ जैसे आयोजन के इसकी खासी उपयोगिता रहेगी। इस बारे में उत्तर मध्य रेलवे प्रयागराज मंडल के एडीआरएम संजय सिंह का कहना है कि झूंसी रेलवे स्टेशन को टर्मिनल के रूप में विकसित करने की रिपोर्ट तैयार की गई है। यह रिपोर्ट रेलवे बोर्ड को भेजी जाएगी। बोर्ड से स्वीकृति मिलने के बाद झूंसी स्टेशन टर्मिनल के रूप में विकसित किया जाएगा।