इन संपत्तियों की कीमत करीब दस करोड़ की है। मुजफ्फर ने तीनों संपत्तियों को अपने भाई मो.अकरम और भाभी गुलिस्तां के नाम पर खरीदा था। इन संपत्तियों के चिन्हीकरण के बाद डीएम ने कुर्की के आदेश दिए थे। सोमवार को एसडीएम चायल के नेतृत्व में राजस्व विभाग की टीम और सीओ सिविल लाइंस के नेतृत्व में पुलिस विभाग की टीम ने भिखनापुर में दो और भीटी देवमाफी में एक संपत्ति को कुर्क किया गया।
सीओ सिविल लाइंस एनएन सिंह ने बताया कि कुर्क की गई संपत्तियों की कीमत 10 करोड़ से ज्यादा है। मुजफ्फर ने पशु तस्करी तथा अन्य अपराधों से अकूत संपत्तियां बनाई हैं। उसने तमाम संपत्तियों को अपने सगे संबंधियों के नाम ले रखा है।
जेल से ही चुनाव जीता, नहीं ले पाया शपथ
प्रयागराज। मूल रूप से नवाबगंज के चफरी गांव का रहने वाला मुजफ्फर काफी सालों से पूरामुफ्ती के बेगम बाजार में रह रहा था। 2018 में वह गो तस्करी में पकड़ा गया था। उसने सपा के टिकट पर जेल से चुनाव जीता था लेकिन शपथ नहीं ले पाया। वह पूरामुफ्ती थाने का हिस्ट्रीशीटर है। गोतस्करी से ही उसने अकूत पैसा कमाया।
करीबी रिश्तेदारों के नाम ली गई करोड़ों की संपत्ति हो चुकी है कुर्क
मुजफ्फर ने अपने सगे भाइयों तथा अन्य रिश्तेदारों के नाम पर करोड़ों की संपत्ति ली थी। अब जांच में इसका खुलासा होने के बाद पुलिस ने भाइयों तथा अन्य रिश्तेदारों के नाम पर संपत्तियों को चिन्हित तक कुर्की की कार्रवाई शुरू की है। अब तक कई करोड़ की संपत्ति पुलिस कुर्क कर चुकी है।