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Prayagraj : उमेश हत्याकांड में प्रॉपर्टी डीलर, रेस्टोरेंट संचालक भी आरोपी, जल्द ही मुकदमे में किया जाएगा शामिल

Wed, 14 Jun 2023 05:55 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

उमेश पाल हत्याकांड की विवेचना के दौरान यह बात सामने आई है कि वह वारदात के बाद भी लगातार अतीक, अशरफ व उसके परिवारीजनों को आर्थिक मदद कर रहा था। उस से मिले रुपयों से ही अतीक कोर्ट में अपने मुकदमों की पैरवी व अन्य खर्चे पूरा करता था।
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उमेश पाल। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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उमेश पाल हत्याकांड की विवेचना जैसे जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे वैसे सनसनीखेज खुलासे हो रहे हैं। इसी क्रम में यह बात सामने आई है कि इस हत्याकांड में अतीक अहमद के करीबी प्रॉपर्टी डीलर व रेस्टोरेंट संचालक के नाम भी साजिशकर्ताओं व शूटरों के मददगार के तौर पर सामने आए हैं। सूत्रों का कहना है कि जल्द ही इनके नाम मुकदमे में शामिल किए जाएंगे।

इनमें से एक को उठाकर पुलिस पूछताछ भी कर चुकी है। जबकि दूसरे के घर पर दो महीनों पहले प्रवर्तन निदेशालय का छापा भी पड़ चुका है। प्रॉपर्टी डीलर अतीक अहमद का राजदार है और जेल जाने के बाद भी अतीक के परिवार के सभी खर्चे वह ही उठाता था। अतीक के जेल में बंद बेटों उमर व अली की सुविधाओं के लिए भी रुपये वही भेजता था। यही नहीं भरोसेमंद होने के चलते ही अतीक ने उसके व उसके करीबी रिश्तेदारों के नाम पर अलग-अलग शहरों में संपत्तियां बनाईं।

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उमेश पाल हत्याकांड की विवेचना के दौरान यह बात सामने आई है कि वह वारदात के बाद भी लगातार अतीक, अशरफ व उसके परिवारीजनों को आर्थिक मदद कर रहा था। उस से मिले रुपयों से ही अतीक कोर्ट में अपने मुकदमों की पैरवी व अन्य खर्चे पूरा करता था। सूत्रों का तो यहां तक कहना है कि इसी प्रॉपर्टी डीलर ने शाइस्ता परवीन को एक फॉर्च्यूनर दी थी, जिसे लेकर अशरफ की पत्नी रूबी उर्फ जैनब ने नाराजगी जताई थी। इसके बाद अशरफ के कहने पर एक और फॉर्च्यूनर का इंतजाम प्राॅपर्टी डीलर ने किया था।

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रेस्टोरेंट की आड़ में ब्लैकमनी व्हाइट करने का खेल

उधर जिस रेस्टोरेंट संचालक का नाम सामने आया है, वह भी लगातार उमेश पाल हत्याकांड के बाद भी अतीक के परिवार की मदद कर रहा था। यहां तक कि यह भी पता चला है कि वह अतीक व अशरफ की अवैध कमाई को रेस्टोरेंट के व्यापार में लगाकर व्हाइट मनी में बदलने का काम कर रहा था। उमेश पाल हत्याकांड के बाद भी उसने अपने खाते से बड़ी रकम का लेनदेन किया। फिलहाल इस मामले में अफसर कुछ बोलने को तैयार नहीं हैं। एसीपी वरुण कुमार का कहना है कि विवेचना प्रगतिशील है, ऐसे में अभी कुछ भी कह पाना संभव नहीं है। जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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