प्रमुख सचिव ने वहां हरियाली के विकास के साथ ही चौराहों पर इंस्टॉलेशन इस प्रकार लगाने के निर्देश दिए, जिससे कि दोनों तरफ दृश्यता बनी रहे और हादसों की आशंका रंचमात्र के लिए भी न रह जाए। इसके बादउन्होंने सिक्स लेन पुल का भी जायजा लिया। अफसरों ने वहां बनने वाले स्टील ब्रिज के बारे में विस्तार से जानकारी दी। एनएचएआई के परियोजना निदेशक नुसरुतुल्लाह ने बताया कि बारिश के बाद बाढ़ का स्तर कम होने पर स्लीट ब्रिज का निर्माण आरंभ किया जाएगा।
इसके बाद प्रमुख सचिव ने पर्यटन विभाग की ओर से नागवासुकि मंदिर के विस्तार और सौंदर्यीकरण का काम देखा। यहां से वह दशाश्वमेध घाट पहुंचे। वहां सिंचाई विभाग के अफसरों ने घाट की प्रगति से अवगत कराया। प्रमुख सचिव का कहना था कि गुणवत्ता से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। समय के भीतर सभी कार्यों को पूरा करने के निर्देश भी उन्होंने दिए।
इसके बाद उन्होंने संगम पर किलाघाट हनुमान मंदिर कॉरिडोर का भी निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली सामग्री का परीक्षण कराने और दस्तावेजों को दुरुस्त रखने के निर्देश दिए। शहर के प्रमुख स्थानों और मंदिरों तक पहुंचने के लिए साइनेज प्लान बनाने के भी निर्देश दिए। प्रमुख सचिव ने लेटे हुए हनुमान मंदिर के दरबार में हाजिरी भी लगाई।