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स्कूलों पर दबाव, हर हाल में चलाएं ऑनलाइन क्लास

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कोरोना वायरस के खतरे के बीच प्रदेश सरकार की ओर से यूपी बोर्ड से जुड़े माध्यमिक विद्यालयों सहित दूसरे बोर्ड से जुड़े विद्यालयों में ऑनलाइन क्लास चलाने पर जोर दिया जा रहा है। जिला विद्यालय निरीक्षक की ओर से सभी स्कूलों के प्रधानाचार्यों से रिपार्ट मांगी जा रही है कि उनके यहां ऑनलाइन कक्षाएं चलाने के लिए क्या तैयारी है। स्कूलों से हर हाल में ऑनलाइन कक्षाएं चलाने को कहा जा रहा है। दूसरी ओर स्कूल के विद्यार्थियों एवं अभिभावकों की ओर से ऑनलाइन क्लास में कोई रुचि नहीं लेने से प्रधानाचार्य परेशान हैं।
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प्रदेश सरकार ने 20 अप्रैल से ऑनलाइन कक्षाएं शुरू करने का निर्देश दिया गया था। जिला विद्यालय निरीक्षक आरएन विश्वकर्मा ने बताया कि जिले के अधिकांश विद्यालयों में शिक्षकों के व्यक्तिगत प्रयास से वाट्सएप, वीडियो के जरिए हो रही पढ़ाई शुरू हो गई। उन्होंने बताया कि शहर के बीबीएस इंटर कॉलेज, शिव चरण दास कन्हैया लाल इंटर कॉलेज, एंग्लो बंगाली इंटर कॉलेज एवं ग्रामीण क्षेत्र से सरदार पटेल इंटर कॉलेज सिकरो कोरांव में ऑनलाइन कक्षाएं शुरू हो गई हैं। जिला विद्यालय निरीक्षक का दावा भले हो कि ऑनलाइन कक्षाएं शुरू हो गई हैं परंतु शहर एवं ग्रामीण क्षेत्र के अधिकांश प्रधानाचार्यों का कहना है कि स्कूल में पढ़ने वाले अधिकांश बच्चों के पास एंड्राएड मोबाइल नहीं है, इस कारण से उन्हें मोबाइल के जरिए भी वीडियो भेजकर नहीं पढ़ाया जा सकता।
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ शर्मा गुट के जिलाध्यक्ष राम प्रकाश पांडेय एवं मंत्री अनुज कुमार पांडेय का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्र में अभिभावकों के पास एंड्राएड मोबाइल नहीं है। शिक्षा विभाग के अधिकारी अनावश्यक दबाव बनाकर प्रधानाचार्यों को ऑनलाइन कक्षाएं चलाने को दबाव बना रहे हैं। शिक्षक संघ लगागातार ऑनलाइन कक्षाओं का विरोध कर रहे हैं। संघ का का कहना है कि कुछ निजी विद्यालयों में ऑनलाइन कक्षाएं अपने संसाधन से शुरू की गई हैं परंतु सरकारी स्कूलों में गरीब बच्चों के लिए ऑनलाइन कक्षाएं संभव नहीं हैं।
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