न्यूनतम तापमान में गिरावट की वजह से संगमनगरी में सर्दी ने सितम ढाना शुरू कर दिया है। हिमालय की तराई में बर्फवारी के साथ ही पश्चिमी विक्षोभ के असर से कड़ाके की ठंड पड़ने लगी है। पश्चिमी विक्षोभ की वजह से पूर्वांचल में किसी भी समय बारिश भी होने की आशंका है। ऐसा हुआ तो फिर प्रयागराज हाड़ कंपा देने वाली ठंड की चपेट में आ जाएगा।
बर्फीली हवाओं ने संगमनगरी में ठिठुरन बढ़ा दी है। रविवार को गलन की वजह से लोग थर-थर कांपते रहे। मौसम विभाग के अनुसार दिन में अधिकतम तापमान 23.05 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। जबकि, न्यूनतम तापमान घटकर नौ डिग्री सेल्सियस पर आ गया। इससे ठंड में इजाफा हो गया। दिन में आसमान बादल भी छाए रहे। इससे सूर्यदेव के ताप का भी असर न के ही बराबर रहा। पछुआ हवा के झोंके से वातावरण में सिहरन बढ़ गई है।
इलाहाबाद विश्वविद्यालय के मौसम विज्ञानी प्रो. एचएन मिश्रा के अनुसार न्यूनतम तापमान में गिरावट से ठंड बढ़ गई है। आने वाले दो से चार दिनों के बीतर न्यूनतम तापमान में और भी गिरावट दर्ज की जा सकती है। उनकी मानें तो भूमध्य सागर से चले पश्चिमी विक्षोभ के असर से अब पखवारे भर के भीतर कभी भी बेमौसम बारिश हो सकती है। इससे संगमनगरी दांत कंपाने वाली ठंड की चपेट में आ सकती है।
फिलहाल हिमालय के तराई वाले क्षेत्रों में बर्फवारी की वजह से ठंड हवाओं ने पूर्वांचल में दस्तक दे दी है। इस वजह से मौसम सर्द हो गया है। यह वजह है कि सुबह-शाम के साथ दिन में भी गलन की स्थिति बनी हुई है।