शिवकुटी में प्रतियोगी छात्र सादिक अहमद (22) ने फांसी लगाकर जान दे दी। रात में उसने अपनी अम्मी से फोन पर बात की थी, जिसमें सबका ख्याल रखने की बात कही थी। सुबह बहुत देर तक कमरे से बाहर नहीं निकलने पर साथी छात्र उसे बुलाने पहुंचा तो घटना की जानकारी हुई। पुलिस का कहना है कि किसी तरह का सुसाइड नोट नहीं मिला है। पोस्टमार्टम के बाद शव लेकर परिजन रवाना हो गए हैं।
सादिक पुत्र शकील अहमद मूल रूप से गाजीपुर जनपद का रहने वाला था। वह करीब दो महीने पहले शहर आया था और शिवकुटी के रसूलाबाद में ज्वाला देवी स्कूल के पास किराये पर कमरा लेकर रह रहा था। वह एसएससी परीक्षा की तैयारी करता था। इस कमरे में अन्य छात्र भी रहा करते थे। पुलिस के मुताबिक, मकान में रहने वाले अन्य छात्रों ने बताया कि रविवार को बहुत देर तक वह कमरे से बाहर नहीं निकला।
करीब 12 बजे बगल का ही एक छात्र बुलाने पहुंचा तो दरवाजा भीतर से बंद मिला। कई बार आवाज देने के बाद भी जब जवाब नहीं मिला तो उसने रोशनदान से भीतर झांका तो वह फांसी पर लटका मिला। जानकारी पर अन्य छात्र और मकान मालिक भी आ गया। सूचना पर पुलिस भी पहुंच गई और शव को फंदे से उतारा। परिजनों को सूचना देने के बाद शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।
एसओ मनीष कुमार त्रिपाठी ने बताया कि मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। परिजनों से फोन पर बात की गई लेकिन वह भी कोई कारण नहीं बता सके। पोस्टमार्टम के बाद शव लेकर परिजन रवाना हो गए हैं।
‘अम्मी ने पूछा तो कहा था सब ठीक है’
सादिक का चचेरा भाई शादाब भी शहर में ही रहकर तैयारी करता है। घटना की जानकारी पर वह भी मौके पर पहुंच गया था। वह भी नहीं बता पाया कि छात्र ने खुदकुशी जैसा कदम क्यों उठाया। उसका कहना था कि परिवारवालों ने बताया कि रात में सादिक ने अपनी अम्मी से फोन पर बात की थी। इस दौरान उसकी बातों से नहीं लगा कि वह किसी बात को लेकर परेशान है। अम्मी के हालचाल पूछने पर उसने सब ठीक-ठाक होने की बात कही थी। साथ ही यह भी कहा था कि सबका ख्याल रखना। इसके बाद उसने फोन रख दिया था।