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प्रयागराज : ढाई साल से पार्किंग में खड़ी हैं दो कारें, गाड़ी की आधी कीमत के बराबर हुआ किराया

Sun, 01 Aug 2021 07:26 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

सिविल लाइंस में बने मल्टीलेवल पार्किंग में करीब ढाई साल से खड़े दो कारों का पार्किंग शुल्क कार की आधी कीमत के बराबर पहुंच गया है। कई बार पार्किंग का ठेका बदल जाने के कारण कार का रसीद और टोकन भी गायब हो गया है।
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prayagraj news : मल्टी लेवल पार्किंग में खड़ी कार। - फोटो : prayagraj
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विस्तार
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सिविल लाइंस में बने मल्टीलेवल पार्किंग में करीब ढाई साल से खड़े दो कारों का पार्किंग शुल्क कार की आधी कीमत के बराबर पहुंच गया है। कई बार पार्किंग का ठेका बदल जाने के कारण कार का रसीद, रिकॉर्ड और टोकन भी गायब हो गया है। अब एक शख्स ने दावा किया है कि यह दोनों कारें उसकी हैं लेकिन उसने इसका बकाया ढाई लाख देने से साफ मना कर दिया है। पार्किंग ठेकेदार का आरोप है कि कथित कार मालिक ने कार का बकाया मांगने पर धमकी दी है। पुलिस मामले की छानबीन में जुट गई है।

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मल्टीलेवल पार्किंग में एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है। एक शख्स ने कोरोना महामारी की पहली लहर के दौरान 2019 में पार्किंग में अपनी दो कारें खड़ी कर दी थीं और 100-100 रुपये की दो रसीदें भी दोनों कारों की कटवाई थीं। इसके बाद उस शख्स का पता नहीं चला। दोनों कारों पर धूल की मोटी परत जम गई है। कार जमा करने के रिकार्ड भी ठेकेदार के पास नहीं हैं। अब कार मालिक के द्वारा इसके कागजात दिखाने पर ही पता चल सकेगा कि आखिरकार इसका मालिक कौन है। अजीब बात यह है कि दोनों कारों पर नंबर भी नहीं है और रजिस्ट्रेशन प्लेट भी गायब है। ठेकेदार ने इसकी जानकारी ट्रैफिक पुलिस को दी है और बकाया दिलाने की गुहार लगाई है।

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तीसरी कार खड़ी करने को भेजा तो खुला मामला

prayagraj news : मल्टी लेवल पार्किंग में खड़ी कार। - फोटो : prayagraj

पार्किंग मैनेजर ने कहा कि वह काफी समय से परेशान थे कि यह दोनों कारें किसकी हैं लेकिन पता नहीं चल रहा था। कुछ दिन पहले एक शख्स तीसरी कार लेकर पहुंचा और कहा कि इस कार को भी पार्क करनी हैं, उसकी दो कारें यहां पहले से ही पार्क हैं। यह सुनकर पार्किंग मैनेजर शशि पांडेय स्तब्ध रह गए। जब उन्होंने दोनों कारों का शुल्क जमाकर उन्हें ले जाने की बात कही तो कार मालिक उखड़ गया और कहा कि वह एक रुपया शुल्क नहीं देगा जो करना हो कर लो और चाहे जिससे शिकायत कर लो। मोहम्मद अशरफ नाम के इस सख्त ने दोनों कारों का मालिक खुद को बताया और धमकी भरे अंदाज में रौब गांठने लगा। 

कार छोड़ दूंगा, लेकिन पैसा नहीं दूंगा
कथित कार मालिक मोहम्मद अशरफ ने धमकी भरे अंदाज में कहा कि कार छोड़ दूंगा, लेकिेन ठेके के रेट प्रतिदिन 100 रुपये के हिसाब से पैसा नहीं दूंगा। मैनेजर ने कहा कि फिर हम आपकी तीसरी कार नहीं खड़ी करेंगे। आप अपनी दोनों कारों को भी वापस ले जाइए तो उसने धमकी दी और कहा जाओ जहां शिकायत करनी हो कर दो। हम पैसा नहीं देंगे।

100 रुपये रोज के हिसाब से ढाई लाख पहुंच गया किराया
सिविल लाइन्स के मल्टीलेवल पार्किंग में ढाई साल से एक शख्स ने अपनी कार 100 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से रशीद कटवा दो कारें खड़ी कर गया। अल्टो में नेम प्लेट नहीं है और दूसरी वैगनआर में नेम प्लेट पर नंबर साफ नहीं है। प्लेट पीली है। इसका मतलब है कि ये कारें ट्रैवेल में चलती थीं। ढाई साल में इन दोनों कारों का पार्किंग शुल्क और पेनाल्टी मिलाकर करीब ढाई लाख रुपये पहुंच गया है। पार्किंग मैनेजर शशि पांडेय ने बताया कि जब उसे फोन करो तो बहाने बना देता है। अब इस मामले में एसपी ट्रैफिक से शिकायत की गई है। इस बात पर सवाल उठने लगे हैं कि कोई अपनी कारों को ढाई साल से पार्किंग में क्यों छोड़ रखा है। कहीं इन गाडि़यों का प्रयोग आपराधिक घटनाओं में तो नहीं किया गया है।

दोनों गाड़ियोंं का नहीं है कोई रिकॉर्ड
शशि पांडेय ने बताया कि दोनों गाड़ियां सिविल लाइंस के मल्टी लेवल पार्किंग में 2019 से खड़ी हैं। उस समय पार्किंग का ठेका संतोष इंटर प्राइजेज के पास था। 2019 में ठेका टीएम उपाध्याय को ठेका दे दिया गया। उन्होंने मैनेजर को उन दो गाड़ियाें की न तो जमा पर्ची दी और न ही कोई रिकॉर्ड दिया। अब 31 जुलाई 2021 को ठेका प्रशांत कुमार एंड ब्रदर्श को मिल गया है। ऐसे में इन दोनों कारों का मैनेजर क्या करे कुछ समझ में नहीं आ रहा है। अब तो गाड़ी मालिक के सामने आने और पेपर्स देने के बाद ही यह बात साफ होगी कि दोनों कारें किसकी हैं। कहीं चोरी की तो नहीं हैं? एसपी ट्रैफिक का कहना है कि मामला संज्ञान में है और कार मालिकों का पता लगाया जा रहा है।

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