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प्रयागराज : वंदे मातरम और भारत माता के जयघोष के साथ निकली तिरंगा यात्रा 

Sat, 11 Dec 2021 10:33 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला ब्यूरो, प्रयागराज

सार

संघ के अमृत महोत्सव आयोजन समिति की तरफ से दो स्थानों से निकाली गई यात्रा। डेढ़-डेढ़ किमी के दो तिरंगा लेकर सुभाष चौराहे पहुंचे स्वयंसेवक, हुई भारत माता की आरती।
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Prayagraj News : आजादी के अमृत महोत्सव के तहत शनिवार को सिविल लाइंस आरएसएस की ओर से तिरंगा यात्रा निकाली गई। इस दौरान सुभाष चौराहे पर भारत माता के चित्र पर पुष्प अर्पित कर नमन किया गया। अमर उजाला। - फोटो : प्रयागराज
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विस्तार
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वंदे मातरम और भारत माता की जयघोष के साथ शनिवार की शाम तिरंगा यात्रा निकाली गई। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के अमृत महोत्सव समिति की ओर से निकाली गई यात्रा में बच्चे, महिलाएं, बुजुर्ग आदि भी शामिल हुए। दो अलग-अलग स्थानों से निकली यात्रा का सुभाष चौराहा सिविल लाइंस में संगम हुआ। इस दौरान यात्रा में शामिल लोगों का सड़क किनारे कतार में खड़े आम शहरियों एवं व्यापारियों ने भी स्वागत किया। यात्रा निकलने के दौरान तकरीबन वैसा ही माहौल बन गया जैसा स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस पर रहता है। 

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तय शुदा कार्यक्रम के तहत यात्रा तीन बजे पत्थर गिरजा से शुरू हुई। इसका नेतृत्व संघ के डा. राम गोपाल और वीर कृष्ण ने किया। इसी तरह एक दूसरी यात्रा सीएमपी डिग्री कालेज के सामने से संघ के उत्तर भाग के डा. एसपी सिंह एवं शिव प्रकाश के नेतृत्व में निकली। दोनों ही यात्रा में डेढ़-डेढ़ किलोमीटर के तिरंगा ध्वज लेकर लोग कतार वद्ध चले। संगमनगरी की सड़कों पर इनता बड़ा ध्वज देखना लोगों के लिए कौतूहल का विषय रहा।

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Prayagraj News : आजादी के अमृत महोत्सव के तहत शनिवार को सिविल लाइंस आरएसएस की ओर से तिरंगा यात्रा निकाली गई। इस दौरान सुभाष चौराहे पर भारत माता के चित्र पर पुष्प अर्पित कर नमन किया गया। अमर उजाला। - फोटो : प्रयागराज
जमकर लगाए गए जयकारे
इस दौरान वंदे मातरम और भारत माता की जयकारे करने से लोग खुद को नहीं रोक सके। सुभाष चौराहे पर तिरंगा यात्रा आने के बाद सामूहिक रूप से भारत माता की आरती की गई। इस दौरान यहां एक सभी भी हुई। सभा में लोगों को आजादी के अमृत महोत्सव के बारे में बताया गया। यहां वरिष्ठ पत्रकार प्रदीप भटनागर ने आजादी के आंदोलन में प्रयाग के पत्रकारों की भूमिका का स्मरण किया।

उन्होंने प्रयागराज (तब इलाहाबाद) से प्रकाशित राष्ट्रवादी अखबार स्वराज के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि दुनिया के इतिहास में शायद यह अकेला अखबार था, जिसके चार संपादकों को काला पानी की सजा हुई। वर्ष 1907 में शांति नारायण भटनागर द्वारा प्रकाशित स्वराज अखबार महज ढाई वर्ष निकला। उसके कुल 75 अंक निकले और अखबार के सभी आठों संपादकों को कठोर कारावास की सजा मिली।

इस अवसर पर ईश्वर शरण डिग्री कालेज के प्राचार्य एवं अमृत महोत्सव आयोजन समिति के डा. आनंद शंकर सिह ने 1857 के योद्धा मौलवी लियाकत हुसैन का स्मरण किया। कहा कि उनके  नेतृत्व में तब इलाहाबाद दस दिनों तक अंग्रेजों से आजाद रहा। इस दौरान भारत छोड़ो आंदोलन के किशोर शहीद रमेश दत्त मालवीय और अब्दुल मजीद को भी उन्होंने याद किया। कार्यक्रम में वाराणसी से आए कानून महाविद्यालय के प्रबंधक वीरेंद्र जायसवाल, शासकीय अधिवक्ता शिवकुमार, आशीष मोहन, डा. पीयूष, घनश्याम आदि मौजूद रहे। इस दौरान शहीदों की याद में दो मिनट का मौन भी रखा गया। 
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