चंद्रशेखर आजाद सेतु के जीर्णोद्धार के लिए नेशनल हाईवे खंड को रूट डायवर्जन की अनुमति रविवार को नहीं मिल सकी। 25 मार्च को योगी सरकार के शपथ ग्रहण की वजह से इसे टाल दिया गया है। अब 28 मार्च से फाफामऊ सेतु के ज्वाइंट एक्सपैंशन और क्षतिग्रस्त बेयरिंग को बदलने का काम शुरू होगा। इसी के साथ इस तिथि से महीने भर के लिए फाफामऊ पुल गुजरने वाले छोटे और बड़े वाहनों के यातायात को परिवर्तित कर दिया गया है।
पीडब्लयूडी के नेशनल हाइवे खंड के आग्रह पर फाफामऊ सेतु से रायबरेली-प्रयागराज मार्ग के यातायात को महीने भर के लिए अलग-अलग मार्गों पर परिवर्तित कर दिया गया है। इस अवधि में रायबरेली-प्रयागराज मार्ग पर बड़ी बसों और अन्य भारी वाहनों का आवागमन नवाबगंज बाईपास से होते हुए सहसों बाईपास-अंदाव-झूंसी शास्त्री ब्रिज से शहर की ओर होगा।
इसी तरह इस मार्ग पर मध्यम और छोटे वाहन फाफामऊ बाजार मार्ग से होते हुए थरवई-गारापुर-सहसों-अंदावा-झूंसी शास्त्री ब्रिज से होकर शहर में प्रवेश करेंगे। इसी तरह तेलियरगंज चौराहा/गोविंदपुर मोड़ की तरफ से आने वाले वाहनों का डायवर्जन अप्ट्रान चौराहे से ओवरब्रिज होकर शिवकुटी होते हुए मजार चौराहे से बैंक रोड-बालसन-जीटी जवाहर चौराहे से शास्त्री ब्रिज झूंसी से अंदावा होते हुए अपने गंतव्य के लिए जाएंगे।
इसके अलावा एमएनएनआईटी चौराहे पर पहुंचने वाले वाहनों का रूट डायवर्जन बीबी की मजार होते हुए बैंक रोड-बालसन चौराहा-जीटी जवाहर चौराहा से शास्त्री ब्रिज होकर झूंसी-अंदावा चौराहा से आगे बढ़ेंगे। इसी तरह सिविल लाइंस बस अड्डे से बड़ी बसें और अन्य भारी वाहन लोक सेवा आयोग चौराहा से इंडियन प्रेस बालसन चौराहा, जीटी जवाहर चौराहा-शास्त्री ब्रिज झूंसी से आंदावा चौराहा होते हुए वाराणसी, जौनपुर, प्रतापगढ़ और रायबरेली की ओर रवाना होंगे।
इसके अलावा हनुमत निकेतन के पास स्थित सिविल लाइंस बस अड्डे से मध्यम और छोटे वाहन मेडिकल चौराहा होते हुए हर्षवर्धन चौराहा-जीटडी जवाहर चौराहा-शास्त्री ब्रिज-झूंसी अंदावा चौराहा होते हुए अपने गंतव्य की ओर रवाना होंगे। अफसरों के मुताबिक इस सेतु का जीर्णोद्धार सोमवार से आरंभ होना था, लेकिन इस बीच योगी सरकार के शपथ ग्रहण में अफसरों की व्यस्तता की वजह से इसे टाल दिया गया।
चंद्रशेखर आजाद सेतु पर चलेंगे सिर्फ दो पहिया वाहन
मरम्मत के दौरान महीने भर चंद्रशेखर आजाद सेतु (फाफामऊ पुल) पर सिर्फ दो पहिया वाहनों का संचालन किया जाएगा। इस दौरान फाफामऊ से रसूलाबाद घाट पर बने दो पांटून पुलों से हल्के चार पहिया वाहनों का संचालन किया जाएगा।