Prayagraj News : मृतकों की फाइल फोटो।
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पिता ने लगाया हत्या का आरोप
परिजनों का कहना कि आकाश व विकास हनुमाना बाजार निवासी बड़े व्यवसायी से बकाया रुपया व बोरी लाने की बात बताकर घर से निकले थे। इसके बाद देर रात तक घर नही लौटे और मोबाइल पर भी संपर्क नहीं पा रहा था। अनहोनी की आशंका को लेकर रात लगभग 12 बजे मृतकों के पिता पप्पू केशरी परिवार के सोनू, मोनू, शंकर, शिवम के साथ टवेरा वाहन पर सवार होकर बेटों को ढूढने निकल पड़े।
एक मृतक के शरीर पर नहीं थे खरोंच के निशान
अयोध्या गांव स्थित बेलन नदी के पुल पर पहुंचे तो वहां का दृश्य देख उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। बीच पुल पर आकाश, विकास और कलबा का शव पड़ा दिखा। मृतकों के शव के नजदीक बाइक पड़ी हुई थी। बाइक की हेडलाइट टूटी हुई थी, जबकि बाइक के अन्य समान पर कोई खरोच तक नहीं मिला।
शव देख पिता पप्पू केशरी फफक-फफक पडे़। सूचना पर मृतक विकास की पत्नी अनीता,बेटा श्रेष्ठ, बेटी सृष्टि, मृतक आकाश की पत्नी संध्या, बेटा अनमोल और मां शिवदेवी, बहन ज्योति का रो-रोकर बुरा हाल रहा।
एसपी यमुनापार सौरक्ष दीक्षित का कहना है कि प्रारंभिक जांच पड़ताल में यह दुर्घटना प्रतीत हो रही है। मौके पर तीनों की बॉडी बाइक के नीचे दबी हुई मिली है। इनमें से दो के सिर पर चोट है, जबकि एक मृतक के शरीर पर कोई जाहिरा चोट के निशान नहीं मिले हैं। फिलहाल क्योंकि परिजन हत्या का आरोप लगा रहे हैं इसलिए तीनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का पता चल सकेगा।
काफी जद्दोजहद के बाद शवों को कब्जे में ले सकी पुलिस
तीनों शवों को परिजन पुलिस के सौंपने के लिए तैयार नहीं थे। पुलिस अधिकारियों के काफी समझाने के बाद भी परिजन और ग्रामीण शवों को देने के लिए तैयार नहीं थे। अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व ने भी परिजनों को समझाने के प्रयास किया लेकिन वह मानने के लिए तैयार नहीं हुए। दोपहर करीब डेढ़ बजे बारिश होने पर ग्रामीण तितर बितर हो गए। इसके बाद पुलिस ने आनन फानन शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।