रास्ते के विवाद में गई महिला की जान
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सराय इनायत के दुबावल गांव में शिवपूजन के घर में बने शौचालय विस्फोट में घायल तीसरे बच्चे आयुष की भी मौत हो गई। उसने बुधवार की शाम एक प्राइवेट अस्पताल में दम तोड़ा। उधर घटना में मारे गए विजय और सोनम का बुधवार को पोस्टमार्टम के बाद अंतिम संस्कार किया गया। घटना से तीन परिवारों की खुशियां बिखर गईं। बच्चों के अंतिम संस्कार के समय ग्रामीणों की आंखों में आंसू थे। पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
दुबावल गांव निवासी शिवपूजन बिंद के बच्चे पड़ोसी बच्चों के साथ मंगलवार की सुबह खेल रहे थे। उसी समय शिवपूजन का बेटा विजय (5), पड़ोसी राजेश की बेटी सोनम (5) और संजय का बेटा आयुष (6) घर के बाहर स्वच्छ भारत मिशन के तहत बने शौचालय में खेलते खेलते पहुंचगए। अचानक वहां भीषण विस्फोट हुआ जिसकी चपेट में आने से तीनों के चीथड़े उड़ गए। आसपास के लोग बच्चों को लेकर सीएचसी पहुंचे जहां सोनम को मृत घोषित कर दिया गया। उधर गंभीर हाल में विजयशंकर व आयुष को एसआरएन रेफर कर दिया गया। वहां विजय की भी मौत हो गई। आयुष को भर्ती किया गया लेकिन घर वालों को लगा कि एसआरएन में अच्छा इलाज नहीं हो रहा है। वे रात में आयुष को लेकर हनुमानगंज आ गए। छिबड़हा के पास एक निजी अस्पताल में आयुष को भर्ती कराया गया जहां बुधवार की शाम उसकी भी मौत हो गई। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
विजय और सोनम का आज डाक्टरों के पैनल ने पोस्टमार्टम किया। इसके बाद घर वाले शव लेकर गांव पहुंचे। दोनों बच्चों के शव पहुंचते गांव में हाहाकार मच गया। ग्रामीणों की आंखों से आंसू निकलने लगे। विजय और सोनम की मां तो बच्चों के शव देखकर अचेत हो गईं। गांव के पास ही गंगाघाट पर दोनों बच्चों का अंतिम संस्कार किया गया। एसपी गंगापार एनके सिंह ने बताया कि इस मामले में सोनम के पिता राजेश ने एफआईआर दर्ज कराई है। शिवपूजन को नामजद किया गया है। शिवपूजन के बेटे के अंतिम संस्कार के बाद उससे पूछताछ की जाएगी। घटना की जांच में जुटी फील्ड यूनिट का निष्कर्ष है कि विस्फोट बारूद का था। बारूद शौचालय के अंदर रखा था।
सराय इनायत के दुबावल गांव में मंगलवार को शिवपूजन बिंद के घर में शौचालय विस्फोट में तीन बच्चों की जान चली गई। एक बच्चा शिवपूजन का भी था। मारी गई बच्ची सोनम के पिता राजेश ने शिवपूजन के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। उसने लिखाया है कि शौचालय में विस्फोटक छिपाकर रखा गया था। विस्फोट में तीन बच्चों की जान चली गई। शिवपूजन के खिलाफ धारा 304 ए और बम विस्फोट अधिनियम की धाराओं में रिपोर्ट लिखी गई है। एसपी गंगापार एनके सिंह ने बताया कि बुधवार को शिवपूजन के बेटे विजय का अंतिम संस्कार था। इस कारण उससे पूछताछ नहीं की जा सकी। गुरुवार को उससे पूछताछ होगी। उसके बाद ही पता चलेगा कि आखिर किसने शौचालय में विस्फोटक रखा था।
विस्फोट के बाद फील्ड यूनिट, बीडीडीएस ने पुलिस वालों के साथ जांच की। प्रारंभिक जांच के बाद निष्कर्ष निकला है कि धमाका बारूद का था। सरसों के तेल के टीन के कनस्तर में भरकर बारूद रखा गया था। उसी की वजह से तीनों बच्चों की मौत हो गई और शौचालय की दीवार और छत उड़ गई थी। दरअसल जिस तरह विस्फोट हुआ है, उसमें कनस्तर के चीथड़े उड़ गए हैं। उसके टुकड़े टुकड़े ही मिले हैं। अगर विस्फोट बाहर होता तो टीन का कनस्तर सिर्फ एक तरह से टुकड़े टुकड़े होता। एसपी गंगापार ने बताया कि शिवपूजन से पूछताछ की जाएगी कि आखिर बारूद आया कहां से।