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प्रयागराजः क्वारंटीन सेंटर में युवक की मौत से मचा हड़कंप, कुछ दिन पहले आया था मुंबई से, कल रिपोर्ट आई थी निगेटिव

Sun, 24 May 2020 07:54 PM IST
विनोद सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
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कालिंदीपुरम स्थित इंस्टीट्यूशनल क्वारंटीन सेंटर में रविवार को हंडिया तहसील के शंकरगपुर गांव के 27 साल के युवक की मौत हो गई। उसकी कोरोना रिपोर्ट भी निगेटिव आई है और घर वालों के मुताबिक उसे कोई बीमारी नहीं थी।

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उसकी मौत का कारण जानने के लिए देर रात उसके शव का पोस्टमार्टम कराया गया। फिल युवक की मौत पर कई सवाल खड़े हो गए हैं। घरवालों का कहना है कि क्वारंटीन सेंटर में युवक का स्वास्थ्य परीक्षण नहीं कराया गया। अगर कराया जाता तो शायद समय रहते उपचार हो जाता। जिससे उसकी जान बच जाती। 

लाक्षागृह के शंकरपुर गांव का रहने वाला युवक संदीप कुमार मुंबई में रहकर टैक्सी चलाता था। वह अपने गांव 15 मई को लौटा था। गांव की आशा ने सर्वे कर उसकी जानकारी स्वास्थ्य विभाग को बताई तो टीम ने 19 मई को उसे ले जाकर कालिंदीपुरम में क्वारंटीन करा दिया। कोरोना के नोडल इंचार्ज डॉ. ऋषि सहाय ने बताया कि कोरोना जांच की रिपोर्ट शनिवार को उसकी निगेटिव आई है।

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corona - फोटो : ANI
रविवार की शाम को उसने दम तोड़ दिया। इससे स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन के अफसरों में हड़कंप है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि क्वारंटीन लोगों की कोरोना जांच के अलावा स्वास्थ्य परीक्षण किया जाता है। इसके लिए टीमों का गठन भी किया गया है।  

इधर, चचेरे भाई रजनीश पाल ने बताया कि संदीप को कोई बीमारी नहीं थी। फिर आखिर उसकी मौत कैसे हुई यह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही पता चलेगा। मामले में सीएमओ मेजर डॉ. जीएस बाजपेई से बात करने की कोशिश की गई लेकिन उनका कोई उत्तर नहीं मिला। 
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कोरोना वायरस - फोटो : अमर उजाला

दो साल में छूट गया साथ, पत्नी आठ महीने की गर्भवती

संदीप की शादी दो साल पहले हुई थी। पत्नी संजू देवी और आठ महीने का एक बच्चा है। देर रात तक इस बात की सूचना उसके घर वालों को नहीं दी गई थी। देर रात एसओ संदीप के परिवार के सदस्यों को स्थानीय पुलिस पोस्टमार्टम हाउस लेकर पहुंची तब उनको इस बात की जानकारी हुई की वह अब इस दुनिया में नहीं रहा।

घर वालों ने स्वास्थ्य विभाग पर ध्यान न देने का आरोप लगाया। कहा कि अगर स्वास्थ्य विभाग ध्यान देता तो संदीप की जान नहीं जाती। संदीप मुंबई से 15 मई को आया था और चार दिन घर में था। अपने तीन भाइयों में वह सबसे बड़ा था। उसके पिता भेड़ पालन करते हैं। जबकि मां गृहणि हैं।
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