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प्रयागराज : कांग्रेस की कुटिल राजनीति का शिकार हुए नेताजी सुभाष चंद्र बोस - योगी आदित्यनाथ

Sun, 26 Dec 2021 10:13 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

मुख्यमंत्री ने देश के दूसरे प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के योगदान एवं व्यक्तित्व की चर्चा की। साथ ही पाकिस्तान के ताशकंद में उनकी मृत्यु के पीछे के रहस्य का भी जिक्र किया।
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Prayagraj News : कायस्थ पाठशाला ट्रस्ट के कार्यक्रम को संबोधित करते सीएम योगी आदित्यनाथ। - फोटो : प्रयागराज
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विस्तार
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कायस्थ पाठशाला ट्रस्ट के 150वें स्थापना वर्ष समारोह में शामिल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महापुरुषों का नाम लेकर समाज के लोगों को जोड़ने की कोशिश की। साथ में कांग्रेस पर भी हमलावर रहे। उन्होंने कहा, कांग्रेस की कुटिल राजनीति का चेहरा आजादी से पहले ही सामने आ गया था। नेताजी सुभाष चंद्र बोस उसी कुटिल राजनीति का शिकार हुए।

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मुख्यमंत्री ने देश के दूसरे प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के योगदान एवं व्यक्तित्व की चर्चा की। साथ ही पाकिस्तान के ताशकंद में उनकी मृत्यु के पीछे के रहस्य का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि, हालांकि  अभी तक उस रहस्य पर से पर्दा नहीं उठ सका है। योगी आदित्यनाथ ने कायस्थ समाज में जन्में देश के पहले राष्ट्रपति डॉ.राजेंद्र प्रसाद का नाम लेते हुए भी विपक्ष की राजनीति पर हमले बोले।

उन्होंने कहा कि कुंभ-2019 के दौरान अक्षयवट जाने पर पता चला कि  वहां प्रेसिडेंट सूट है। इसके बारे में पूछने पर पता चला कि देश के डॉ.राजेंद्र प्रसाद हर कुंभ में यहां आते थे तथा माघ के दौरान कल्पवास भी करते थे। उन्होंने यह भी कहा कि  तत्कालीन सरकार के विरोध के बावजूद डॉ.राजेंद्र प्रसाद सोमनाथ मंदिर के कार्यक्रम में शामिल हुए थे। इसी क्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि  राजनीति के दो चेहरे स्पष्ट दिखाई दे रहे हैं।

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Prayagraj News : योगी आदित्यनाथ को स्मृति चिन्ह भेंट करते केपी ट्रस्ट के अध्यक्ष। - फोटो : प्रयागराज
कायस्थ प्रबुद्ध वर्ग - सीएम
एक चेहरा भारत की संस्कृति, विरासत को विस्मृत कर रहा है। वहीं दूसरा चेहरा भारतीय परंपराओं एवं गौरवशाली विरासत को संजोते हुए आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कायस्थ प्रबुद्ध वर्ग है। कोई भी ऐसा काल नहीं रहा जब इस समाज ने अगुवाई न की हो। कायस्थ पाठशाला की परंपरा से खुद को संबंद्ध करने के साथ स्वामी विवेकानंद, बालकृष्ण भट्ट, हरिवंश राय बच्चन समेत कई अन्य महापुरुषों का नाम लेते हुए भी उन्हाेंने समाज के लोगाें को जोड़ने की कोशिश की।

मुख्यमंत्री ने कायस्थाें को कलम का सिपाही बताया। साथ ही कहा कि कलम और तलवार में जब भी द्वंद होगा जीत कलम की होगी। तलवार सिर्फ कुछ समय के लिए दहशह फैला सकती है। उन्होंने कहा कि कायस्थ पाठशाला की 150 वर्ष की गौरवशाली परंपरा है। इस विरासत को सरंक्षित करते हुए नए नए कलेवर के साथ आगे बढ़ने की अपील की। मुख्यमंत्री ने कहा कि ट्रस्ट वर्ष भर चलने वाले कार्यक्रमों को पूरे धूमधाम से मनाए।

Prayagraj News : समारोह में उपस्थित लोग। - फोटो : प्रयागराज
केपी ट्रस्ट में अन्य लोगों को भी करें आमंत्रित- सीएम
सरकार उसमें हर स्तर पर सहयोग देने के लिए तैयार है। अपील की कि इन आयोजनों तथा अन्य गतिविधियों में सिर्फ कायस्थों को ही न बुलाएं, अन्य लोगों को भी आमंत्रित करें। मुख्यमंत्री से पहले कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने भी कायस्थ पाठशाला के इतिहास तथा समाज में जन्में महापुरुषों को याद किया। उन्होंने अपने नाना पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के संघर्षों तथा राष्ट्र निर्माण में योगदान को याद किया। इससे पहले केपी इंटर कॉलेज तथा सीएमपी डिग्री कॉलेज के विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए।

अध्यक्ष जितेंद्र नाथ सिंह ने कायस्था पाठशाला ट्रस्ट का संक्षिप्त परिचय देते हुए अतिथियों का स्वागत किया। महामंत्री एसडी कौटिल्य ने धन्यवाद ज्ञापित किया। संचालन डॉ.आनंद श्रीवास्तव ने किया। इस दौरान मंच पर आयोजन के संयोजक  ट्रस्ट के पूर्व अध्यक्ष एवं वरिष्ठ उपाध्यक्ष राघवेंद्र नाथ सिंह, विधायक हर्षवर्धन वाजपेई भी मौजूद रहे। वहीं कार्यक्रम में पूर्व महापौर एवं ट्रस्ट के अध्यक्ष डॉ.केपी श्रीवास्तव, जीपी श्रीवास्तव, महामंडलेश्वर कल्याणी गिरि, वैष्णवी नंद गिरि, खाक चौक के संतोष दास सतुआ बाबा, अनिल श्रीवास्तव, रमेश श्रीवास्तव आदि शामिल रहे।

Prayagraj News : केपी ट्रस्ट के आयोजन में सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करतीं छात्राएं। - फोटो : प्रयागराज
ट्रस्ट की कुलगीत का किया सम्मान
ट्रस्ट के अध्यक्ष जितेंद्रनाथ सिंह और संचालन कर रहे डॉ.आनंद श्रीवास्तव ने मुंशी काली प्रसाद पर आधारित कुल गीत के गायन से पहले सभी से खड़े होने की अपील की। उन्हाेंने मुख्यमंत्री से भी इसके लिए आग्रह किया। मुख्यमंत्री न सिर्फ कुलगीत के दौरान खड़े हुए बल्कि संबोधन के दौरान भी इसके प्रति सम्मान प्रकट किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि  ‘कार्यक्रम की शुरुआत कुलगीत से करना परंपरा का हिस्सा है। मैं इस परंपरा में शामिल हो रहा हूं तो इसका पालन करना मेरा कर्तव्य है। इसलिए खड़े होने के लिए आग्रह या किसी तरह के हिचक की जरूरत नहीं है।’ मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि ट्रस्ट की स्थापना 1872 में हुई और इसके ठीक 100 वर्ष बाद में 1972 में मेरा जन्म हुआ।

वक्ताओं ने की भाजपा की जीत की अपील
कायस्थ पाठशाला ट्रस्ट के 150वें स्थापना वर्ष समारोह के मंच से योगी आदित्यनाथ को फिर से मुख्यमंत्री बनाने की भी अपील की गई। वक्ताओं ने भाजपा सरकार की उपलब्धियों की भी चर्चा की।
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Prayagraj News : कायस्थ पाठशाला के कार्यक्रम में शिरकत करते सीएम योगी। - फोटो : प्रयागराज
गौसनगर के लोगों ने की अवैध कब्जे की शिकायत
कटहुला गौसपुर के लोगों ने मुख्यमंत्री से अपनी जमीन और घरों को अवैध कब्जे से बचाने की मांग की। लूकरगंज में सभा स्थल केपास पहुंचे लोगों का कहना था कि  भूमाफिया को सत्ता तथा प्रशासन का भी सरंक्षण प्राप्त है। वे हाथ में तख्ती लिए हुए थे।

सपा का झंडा जलाने का आरोप, कार्रवाई के लिए सौंपा ज्ञापन
सपा कार्यकर्ताओं ने लूकरगंज में पार्टी के झंडे को जलाए जाने का आरोप लगाया है। रविवार को कलक्ट्रेट में ज्ञापन सौंपकर उन्होंने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। कार्रवाई नहीं होने पर उन्होंने आंदोलन की चेतावनी दी। कार्यकर्ताओं का कहना था कि लूकरगंज में नजूल की भूमि पर कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह की मौजूदगी में भाजपा कार्यकर्ताओं ने सपा के झंडे रखे थे और फिर उन्हें असंवैधानिक तरीके से जलाया गया। उनका कहना था कि जो जमीन महीनों से प्रशासन के कब्जे में है उस पर सपा के झंडे कैसे पहुंचे। भविष्य में इस तरह की घटना पर उसी तरह से जवाब देने की भी चेतावनी दी। ज्ञापन सौंपने वालों में जिलाध्यक्ष योगेश चंद्र यादव, महानगर अध्यक्ष इफ्तेखार हुसैन, रवि मिश्रा, रविंद्र यादव, प्रभाशंकर मिश्र आदि शामिल रहे।

सपा नेता रहे नजरबंद
मुख्यमंत्री के प्रयागराज आगमन के दौरान सपा के कई नेता दिन भर नजरबंद रहे। इलाहाबाद विश्वविद्यालय की पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष डॉ.ऋचा सिंह और पूर्व उपाध्यक्ष अदील हमजा के आवास पर पुलिस सुबह ही पहुंच गई तथा उन्हें बाहर निकलने से रोक दिया। डॉ.ऋचा ने एसएसपी को पत्र लिखकर इसका कारण पूछा है। उनका यह भी कहना है कि जब प्रधानमंत्री तथा मुख्यमंत्री आते हैं तब सपा नेताओं के संवैधानिक अधिकार छिन लिए जाते हैं।
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