माना जा रहा है कि पति के जेल में बंद रहने और दोनों बेटों के फरार होने के कारण शाइस्ता ने चुनाव मैदान में न उतरने का फैसला किया है। राजू पाल की हत्या के बाद ही अतीक अहमद के दुर्दिन शुरू हो गए थे।
इस मामले की सीबीआई जांच भी चल रही है। इस समय अतीक अहमद और उनके भाई पूर्व विधायक खालिद अजीम अशरफ जेल में बंद हैं। दोनों पुत्रों जैद और अली के खिलाफ भी पुलिस ने ईनाम घोषित कर रखा है और दोनों की सरगर्मी से तलाश कर रही है।
पिछले विधानसभा चुनाव 2017 में भी अतीक अहमद के परिवार के कोई चुनाव नहीं लड़ा था। 2017 में सिद्धार्थनाथ सिंह विधायक चुने गए थे। उन्हें 85518 मत मिले थे, जबकि उनकी निकटतम प्रतिद्वंदी सपा प्रत्याशी डॉ. ऋचा सिंह को 60182 और बसपा प्रत्याशी पूजा पाल को 40499 वोट मिले थे।
1989 में निर्दलीय जीते थे अतीक अहमद
अतीक अहमद ने 1989 में शहर पश्चिमी से बतौर निर्दलीय उम्मीदवार पहली बार जीत दर्ज की थी। इसके बाद पश्चिमी सीट अतीक अहमद की गढ़ मानी जाने लगी। वह यहां से पांच बार विधायक चुने गए। एक बार फूलपुर विधानसभा से सांसद भी रहे।