पीडब्ल्यूडी के निर्माण खंड-तीन में सड़कों के पैचवर्क के अनुबंध गठित होने के बाद बिना काम कराए ही लाखों रुपये के फर्जी बांड बनाए जाने के मामले में तीन अभियंताओं के खिलाफ शुक्रवार को विभागीय कार्रवाई की संस्तुति कर दी गई। इसमें एक एई और दो जेई शामिल हैं। इस गोलमाल की शिकायत प्रमुख सचिव नितिन रमेश गोकर्ण के अलावा प्रमुख अभियंता और मुख्य अभियंता से भी की गई थी।
कंचनपुर गोहनिया(गेरुहैया) मार्ग, मदुरीचक सुबेर अखाड़ा मार्ग के अलावा अन्य कई मार्गों के पैच वर्क में बिना काम कराए भुगतान के मामले की जांच अधीक्षण अभियंता प्रतापगढ़ और प्रातीय खंड के एक्सईएन को सौंपी गई थी। एसई की जांच रिपोर्ट आने के बाद शुक्रवार को मुख्य अभियंता केके पाहूजा ने इस मामले में कार्रवाई की संस्तुति कर दी। इस मामले में गड़बड़ी के लिए एई ज्योति सोनकर के अलावा जेई नीरज कुमार और चंद्रशेखर आजाद को जिम्मेदार ठहराया गया है।
फिलहाल पत्रावली प्रमुख अभियंता कार्यालय को भेज दी गई है। कहा जा रहा है दो दिन के भीतर इन तीनों अभियंताओं पर निलंबन की गाज गिर सकती है। मामला कीडगंज की मेसर्स एमके ट्रेडर्स को दिए गए सड़कों के पैच वर्क के काम से जुड़ा है। यह कार्य 15 अप्रैल 2021 तक पूरा कराया जाना था।
इस अवधि के बीतने के बाद जब ठेका कंपनी की ओर से इस निविदा के लिए जमा कराई गई जमानत राशि वापस लेने के लिए अर्जी दी गई, तब एक्सईएन ने फर्म संचालक को संबंधित मार्गों के सहायक अभियंता से मिलने के लिए कहा। इस कंपनी के संचालक ने प्रमुख सचिव और प्रमुख अभियंता से शिकायत की थी कि जब वह सहायक अभियंता के पास गए तो उनके सामने इन सड़कों के अनुबंध के क्रम में 6.77 लाख रुपये से अधिक का बिल भुगतान के लिए प्रस्तुत कर हस्ताक्षर बनाने के लिए दबाव बनाया जाने लगा।