कोरोना बढ़ते संक्रमण को पर रोकथाम के लिए बुधवार को कमिश्नर संजय गोयल ने सरकारी अस्पतालों चीफ मेडिकल सुपरिटेंडेंट्स के साथ बैठक करके निर्देश जारी किए। कमिश्नर ने कहा कि माइल्ड सिम्टम्स या कम सीरियर कोविड 19 संक्रमित मरीजों का इलाज अस्पताल अपने स्तर पर करें। सीरियस या विषम परिस्थिति में ही मरीजों को इलाज के लिए एल3 अस्पताल में भर्ती कराया जाए।
साथ ही आपातकाल स्थिति में आई ट्रिपल सी पर कॉल कर रहे व्यक्तियों की मदद के लिए नई कार्य योजना भी तैयार करने के लिए कमिश्नर ने निर्देश दिए। कमिश्नर ने 102 और 108 से संबंधित एंबुलेंस को छोड़कर कम से कम 30 एम्बुलेंस का अलग से पूल तैयार करने का निर्देश भी अधिकारियोंको दिया। जिससे जरूरत के अनुसार लोगों को चिकित्सकीय सुविधा मुहैया करायी जा सके।
संक्रमण की रोकथाम की तैयारियों की समीक्षा के लिए गांधी सभागार में आयोजित बैठक में कमिश्नर संजय गोयल ने सभी सरकारी अस्पतालों के चीफ मेडिकल सुपरिंटेंडेंट एवं अधिकारियों कोविड-19 से जुड़ी मॉक ड्रिल केपरिणामों पर भी चर्चा की। उन्होंने आने वाले मरीजों के लिए नई कार्य योजना तैयार करने के लिए भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा अस्पताल अनावश्यक केस रेफरल करने से बचे। क्योकि इससे स्वरूप रानी अस्पताल में भीड़ लग जाती है। जिसकी वजह से कई बार गंभीर रूप से कोविड संक्रमितों के लिए बेड नहीं रहता।
एक्सपर्ट्स के मुताबिक कोविड-19 वायरस के नए वेरिएंट ओमीक्रोन से ग्रसित व्यक्तियों में माइल्ड सिम्टम्स ही परिलक्षित हो रहे हैं। उन्होंने सिम्टम्स वाले मरीजों के अस्पताल आने पर एवं उनमें कोविड-19 संक्रमण की पुष्टि होने तक सभी को अलग ट्रायज वर्ल्ड में रखने का भी निर्देश दिया। सभी अस्पतालों में बनाए गए ऑक्सीजन प्लांट्स की पूर्ण रूप से सक्रियता सुनिश्चित करने का निर्देश भी दिया। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी शिपू गिरी, एडिशनल कमिश्नर पुष्पराज सिंह, प्रिंसिपल स्वरूपरानी मेडिकल कॉलेज एसपी सिंह समेत अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।