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ठेकेदार बच्चा यादव हत्याकांड : गिरफ्तार दोस्त ने कहा- पहले राजेश ने मारी गोली, फिर मैंने भी दाग दिया फायर

Mon, 06 Dec 2021 12:57 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

बृहस्पतिवार को सटीक सूचना पर जार्जटाउन क्षेत्र से ही राजेश यादव को गिरफ्तार कर लिया गया था। सूत्रों का कहना है कि उसने पूछताछ में बताया है कि मृतक वीरेंद्र पर महेंद्र के साथ उसने भी गोलियां दागी थीं। दोनों ने अपनी लाइसेंसी पिस्टल से गोलियां बरसाकर उसे मौत के घाट उतारा था।
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Prayagraj News : ठेकेदार बच्चा यादव। फाइल फोटो - फोटो : प्रयागराज
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विस्तार
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मेडिकल कॉलेज के पास ठेकेदार वीरेंद्र उर्फ बच्चा यादव की हत्या का दूसरा आरोपी महेंद्र यादव भी गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने उसे जार्जटाउन क्षेत्र से ही गिरफ्तार कर हत्या में प्रयुक्त पिस्टल भी बरामद कर ली है। पूछताछ में उसने बताया है कि मृतक वीरेंद्र पर पहले उसके दोस्त राजेश ने गोली मारी। इसकेबाद उसने भी अपनी पिस्टल से उस पर ताबड़तोड़ फायर झोंक दिए। पुलिस ने उसे जेल भेज दिया है।

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महेंद्र एक दिसंबर को घटना के बाद से ही फरार चल रहा था। सूत्रों का कहना है कि उसने पूछताछ में पुलिस को बताया है कि राजेश और वह वीरेंद्र के साथ मिलकर ठेकेदारी करते थे। उसकी फर्म केनाम से ही गंगानगर व टीपी नगर में दो ठेके जारी हुए थे जिसका काम चल रहा था। इसी काम के रुपयों केसंबंध में बातचीत के दौरान ही यह घटना हुई। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने पूछताछ में कहा कि बातचीत के दौरान वीरेंद्र के मांगने पर उसने जल्द ही रुपये देने का आश्वासन दिया। लेकिन इसी दौरान वीरेंद्र आक्रोशित हो गया।

मना करने पर वह राजेश पर भी भड़क गया और उसे भला-बुरा कहने लगा। जिस पर तैश में आकर राजेश ने अपनी लाइसेंसी पिस्टल निकालकर उस पर फायर झोंक दिया। इसकेबाद उसने भी अपनी लाइसेंसी पिस्टल निकालकर उस पर ताबड़तोड़ फायर झोंक दिया। वीरेंद्र के लहूलुहान होकर गिरने पर पहले राजेश और फिर वह मौके से भाग निकला। सीओ अजीत सिंह चौहान ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।
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एक असलहा पहले से ही है जमा
पुलिस का कहना है कि आरोपी से पूछताछ में यह बात सामने आई है कि उसके पास दो ही शस्त्र लाइसेंस हैं। इनमें से एक से संबंधित असलहा शस्त्र की दुकान पर जमा है। पुलिस अफसरों का कहना है कि जल्द ही उसके शस्त्र लाइसेंस निरस्तीकरण संबंधी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों के माध्यम से जिला प्रशासन को भेजी जाएगी। दरअसल मृतक के परिजनों ने आरोप लगाया था कि राजेश की तरह ही महेंद्र के पास भी तीन लाइसेंसी असलहे हैं। 

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डर के 50 लाख रुपयों के विवाद में वारदात

पुलिस की पूछताछ में यह बात भी सामने आई है कि टेंडर के 50 लाख रुपयों के विवाद में इस हत्याकांड को अंजाम दिया गया। यह बात सामने आई है कि वीरेंद्र व अन्य दोनों आरोपी ठेकेदारी करते थे। पिछले दिनों धूमनगंज के टीपी नगर और कैंट के गंगानगर में तीनों ने महेंद्र की फर्म के नाम से हुए पीडब्ल्यूडी के टेंडर पर मिलकर काम कराया था। इसी से संबंधित 50 लाख रुपयों को लेकर उनमें विवाद चल रहा था। इसी विवाद में उसकी हत्या कर दी गई।

फोन कर बुलाया था घर से

सूत्रों का कहना है कि पुलिस की जांच पड़ताल में यह बात भी सामने आई है कि ठेकेदार को घर से बुलाकर मारा गया। आरोपियों ने फोन कर उसे घर से बुलाया था। इसके बाद ही यह वारदात हुई। गौरतलब है कि वारदात के बाद प्रारंभिक जांच पड़ताल में आशंका जताई जा रही थी कि तीनों मौके पर बैठकर शराब पी रहे थे। हालांकि गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ के बाद यह स्पष्ट हो गया कि ठेकेदार को प्लानिंग से बुलाया गया था।

नियमविरुद्ध तरीके से रखे था तीन लाइसेंसी असलहे

हत्याकांड की जांच पड़ताल के दौरान एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। पता चला है कि गिरफ्तार आरोपी राजेश ने नियमविरुद्ध तरीके से तीन लाइसेंसी असलहे अपने पास रखे हुए थे। इनमें से एक पिस्टल, एक राइफल व एक डीबीबीएल का लाइसेंस है। खास बात यह है कि दिसंबर 2019 में ही क्रेंदीय गृह मंत्रालय की ओर से आयुध अधिनियम में संशोधन किया गया था। जिसके मुताबिक एक व्यक्ति दो से ज्यादा लाइसेंसी असलहे नहीं रख सकता और अगर ऐसा है तो उसे तीसरा असलहा सरेंडर करना होगा। अब सवाल यह भी है कि आखिर कैसे पुलिस व प्रशासन की नजरों से वह बचा रहा। मामले में अफसरों का कहना है कि फिलहाल लाइसेंस की शर्तों के उल्लंघन के आरोप में उस पर एक और मुकदमा कैंट थाने में दर्ज किया जा रहा है।    

 

सात गोलियां मारी थीं दोस्तों ने

पोस्टमार्टम में इस बात का खुलासा हुआ है कि मृतक वीरेंद्र को कुल सात गोलियां मारी गई थीं। सभी गोलियां उनके शरीर में फंसी मिलीं। दो डॉक्टरों के पैनल ने वीडियोग्राफी के बीच शव का पोस्टमार्टम किया।

प्रयागराज : दोस्त ने ठेकेदार को गोली से उड़ाया, लाइसेंसी पिस्टल से एक के बाद एक पांच गोलियां मारीं

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