हजारों जीते, जागते लोग घूमते फिर रहे हैं कि फॉर्म छह भरने के बाद भी उनका नाम वोटर लिस्ट में नहीं आया या पहले से था और अब गायब है। लेकिन, बी-253, मेहंदौरी कॉलोनी की भुवनेश्वरी त्रिपाठी का स्वर्गवास हुए नौ बरस से ज्यादा गुजर चुके हैं, निर्वाचन आयोग की सूची में वह अब भी मतदाता हैं। लोकतंत्र के महापर्व पर इस बार भी उनके नाम की वोटर पर्ची आई। ऐसा नहीं कि उनका नाम कटवाने के लिए कोई प्रयास नहीं हुआ लेकिन वोटर पर्ची में उनका नाम बदस्तूर जारी है।
बेटे नाजरेथ अस्पताल के सीनियर सर्जन डॉ.नीरज त्रिपाठी कहते हैं कि बीते नौ बरस में चुनाव आयोग को उनके मृ़त्यु प्रमाण पत्र के साथ तकरीबन दस बार सूचना देकर अनुरोध किया जा चुका है कि उनका नाम वोटर लिस्ट से हटा दिया जाए लेकिन हर चुनाव में उनका नाम बना रहा। कई बार बीएलओ तो कई बार मतदान केंद्र पर भी इसकी सूचना दी गई है। इतना ही नहीं चुनाव आयोग की वेबसाइट पर भी सभी साक्ष्यों के साथ फार्म सात ऑन लाइन भरा जा चुका है लेकिन नजीता सिफर ही रहा। इस बार भी उनके नाम की वोटर पर्ची घर पर आई है।