उन्होंने बताया नवजात में इसके लिए दुनियाभर में अध्ययन चल रहा है। कहा जा रहा है संक्त्रस्मण किस स्तर पर हो सकता है। यह कहना मुश्किल है। नवजात या तो मां के पेट में ही गर्भनाल के जरिए पॉजिटिव हो गया हो फिर बाद में। यह तो अभी शोध का विषय है। इसके बारे में अभी कुछ स्पष्ट तौर पर नहीं कहा जा सकता है।
रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद नवजात को मां के पास ही शिफ्ट कर दिया गया है। जिससे कि मां वह मां का दूध पी सके। इससे उसके शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ेगी।
प्रो0 अमृता ने बताया कि नवजात को जन्म के दौरान लेने वाले परिवार के दो लोगों को क्वारंटीन किया गया है। महिला का प्रसव कराने वाली टीम के साथ चिल्ड्रेन अस्पताल में आइसोलेट रहने के दौरान उसकी देखरेख करने वाले दो जूनियर रेजिडेंट, एक नर्स और दो वार्ड ब्वॉय को एक्टिव क्वारंटीन में रखा गया है।