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Prayagraj News : मां गंगा ने हनुमानजी को पांचवीं बार कराया अमृत स्नान, गूंजा हर-हर महादेव का उद्घोष

Fri, 05 Sep 2025 06:24 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

Prayagraj Flood News : संगम तट पर स्थित श्री बड़े हनुमान मंदिर में मां गंगा ने पांचवीं बार प्रवेश किया है। शुक्रवार को मां गंगा ने पांचवीं बार हनुमानजी को अमृत स्नान कराया। घंटा, घड़ियाल और नगाड़ों की गूंज के बीच महंत बलवीर गिरि ने मां गंगा का स्वागत करते हुए आरती उतारी। पूजन और आरती के बाद हनुमानजी जलशयन में चले गए। 
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श्री बड़े हनुमानजी को मां गंगा ने पांचवीं बार कराया स्नान। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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बंधवा वाले बड़े हनुमानजी को मां गंगा ने शुक्रवार शाम पांच बजे पांचवीं बार स्नान कराया। इस मौके पर मठ बाघंबरी गद्दी के महंत बलबीर गिरि महाराज ने पूजन-आरती कर मां गंगा का आह्वान किया। इसके बाद विशेष आरती कर महाबली बजरंगबली महाराज को जलशयन कराया। हनुमानजी का विग्रह श्रद्धालुओं के दर्शन-पूजन के लिए बंधवा स्थित श्रीराम-जानकी मंदिर में रखा गया है।

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हनुमानजी महाराज की प्रतिमा को जैसे ही मां गंगा के जल ने स्पर्श किया घंटे, घड़ियाल बजाते हुए शंखनाद के बीच महंत बलबीर गिरि ने माता का पूजन कर उनका आह्वान किया। फिर संध्या के साथ शयन आरती कर महाबली हनुमानजी को चादर ओढ़ाकर शयन कराया। इस मौके पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटी रही। चारों तरफ जयकारे गूंजते रहे।
 

दावा : 1978 के बाद पांचवीं बार बजरंगबली ने किया स्नान

बाघंबरी गद्दी मठ के महंत बलबीर गिरि का दावा है कि उनकी जानकारी में पहली बार मां गंगा ने हनुमानजी को पांचवीं बार स्नान कराया है। बुजुर्गों के बीच चर्चा के मुताबिक वर्ष 1978 में हनुमानजी ने सात बार जलशयन किया था। उसके बाद अब पांचवीं बार मां गंगा पुत्र बजरंगी के पास पहुंचीं हैं। यह शुभ संकेत है।

शुभता का प्रतीक है महाबली का जलशयन

महंत बलबीर गिरि के मुताबिक ऐसी मान्यता है कि हर वर्ष मां गंगा हनुमानजी का अभिषेक करने के लिए मंदिर में प्रवेश करती हैं। जिस वर्ष मां गंगा अभिषेक नहीं करतीं, उस वर्ष अनिष्ट की आशंका रहती है। प्रयागराज ही ऐसा इकलौता शहर है जहां पर बाढ़ आने का लोग इंतजार करते हैं। तभी बजरंगबली के जलशयन के समय भारी भीड़ जुटती है।
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इन तिथियों पर हुआ केसरीनंदन का जलशयन
 
  • 15 जुलाई : मां गंगा का पानी मंदिर में पहुंचा। पूजा-अर्चना और आरती के बाद कपाट बंद कर दिए गए। जब हनुमानजी जलशयन करते हैं तब एक विग्रह मंदिर बाहर रखा जाता है जहां श्रद्धालु दर्शन-पूजन करते हैं।
  • 17 जुलाई : देर रात मंदिर के गर्भगृह में मां गंगा का जल प्रवेश कर गया। इसके बाद पूजा-अर्चना के बाद मंदिर के कपाट बंद कर दिए गए। करीब एक हफ्ते बाद कपाट खोले गए।
  • 29 जुलाई : तीसरी बार मंदिर के गर्भगृह में जाकर मां गंगा ने बड़े हनुमानजी का अभिषेक कर उन्हें जलशयन कराया। बड़े हनुमान मंदिर के कपाट 13 दिन के शयन के बाद 11 अगस्त को खोले गए।
  • 25 अगस्त : चौथी बार बड़े हनुमान मंदिर के गर्भगृह में पहुंचे गंगा के जल की दो सितंबर मंगलवार को आठ दिन बाद वापसी हुई।
  • पांच सितंबर : पांचवीं बार मां गंगा बड़े हनुमानजी का अभिषेक करने पहुंचीं। शाम पांच बजे आरती-पूजन के बाद बजरंगबली को जलशयन कराया गया।
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